चेरवाडीह संदिग्ध मौत मामले की निष्पक्ष जांच की मांग, मुकदमा दर्ज
घटना में लिप्त अपराधियों के ऊपर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए -पूर्व जिलाध्यक्ष डा. धर्मवीर तिवारी (भाजपा)
ब्यूरो रिपोर्ट
सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश-
चेरवाडीह गांव में सड़क किनारे अचेतावस्था में मिले केवाल निवासी नीतेश तिवारी उर्फ बाटा (34) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने दो युवकों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक के पिता ललित तिवारी की तहरीर पर चेरवाडीह निवासी आनंद जायसवाल उर्फ सोनू पुत्र रामजनम जायसवाल और लोकेश पासवान पुत्र सुरेंद्र पासवान को नामजद किया गया है।
पिता ने तहरीर में आरोप लगाया है कि दोनों युवकों से उनके पुत्र का पिछले कई माह से विवाद चल रहा था। आरोप है कि पूर्व में उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। मंगलवार को नीतेश अपनी बहन के घर चेरवाडीह आया था। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ। कुछ देर बाद वह बहन के घर के सामने मुख्य सड़क किनारे गंभीर रूप से घायल और अचेत अवस्था में पड़ा मिला। उसके सिर पर गंभीर चोट के निशान और खून से लथपथ था।
सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और उसे तत्काल कोन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। मृतक के पिता ने तहरीर में आरोप लगाया है कि नामजद दोनों युवकों ने ही उसके पुत्र के साथ मारपीट कर उसे सड़क पर फेंक दिया।
मामले की जानकारी मिलने पर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डा. धर्मवीर तिवारी समेत भाजपा कार्यकर्ता कोन पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से मामले की जानकारी ली। डा. तिवारी ने प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि किसी प्रकार का दबाव या स्थानीय स्तर पर जांच प्रभावित होने की आशंका हो तो मामले की विवेचना दूसरे थाने की पुलिस से कराई जाए। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
पीड़ित परिवार की मांग और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोपहर बाद आनंद जायसवाल और लोकेश पासवान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


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