राजनीति
देशी घी के दामों में उछाल : 15 किलो का टिन 400 रुपए तक महंगा, झंडेवाला फूड्स ने उतारा फेस्टिव गिफ्ट कलेक्शन
बाजार में मांग बढ़ने से कीमतों में तेजी, झंडेवाला फूड्स ने ‘नमन विरासत’ नाम से पेश किया दिवाली गिफ्ट कलेक्शन
स्वतंत्र प्रभात।
जयपुर। दीपावली और त्योहारी सीजन के नजदीक आते ही देशी घी की मांग में तेजी देखने को मिल रही है। बढ़ती मांग का असर बाजार की कीमतों पर भी पड़ा है। बीते दो महीनों के दौरान देशी घी के दाम में करीब 400 रुपये प्रति 15 किलोग्राम टिन तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। थोक और खुदरा बाजार में प्रमुख ब्रांडों के घी की कीमतों में मजबूती बनी हुई है।
मांग बढ़ने से कीमतों पर दबाव
उत्तर भारत के प्रमुख डेयरी और घी उत्पादन संयंत्रों में प्रतिदिन लगभग 80 लाख लीटर कच्चे दूध की आवक हो रही है। इससे रोजाना करीब 500 टन देशी घी और 650 टन मिल्क पाउडर का उत्पादन किया जा रहा है। इसके बावजूद त्योहारी मांग और बढ़ती खपत के कारण बाजार में कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
दीपावली के दौरान घरों में मिठाइयां बनाने, पूजा-पाठ और उपहार देने के लिए घी की खरीद बढ़ जाती है। ऐसे में आने वाले दिनों में बाजार की मांग और आपूर्ति पर कारोबारियों की नजर रहेगी।
झंडेवाला फूड्स ने लॉन्च किया ‘नमन विरासत’ कलेक्शन
त्योहारी बाजार में बढ़ती मांग के बीच एफएमसीजी कंपनी झंडेवाला फूड्स लिमिटेड ने दीपावली के लिए अपना विशेष गिफ्ट कलेक्शन ‘नमन विरासत’ पेश किया है। इस कलेक्शन में प्रीमियम देशी घी के गिफ्ट हैम्पर्स के साथ देशी घी और शुद्ध केसर के कॉम्बो पैक शामिल किए गए हैं।
कंपनी के प्रबंध निदेशक राकेश बी. कूलवाल ने बताया कि इस अभियान का संदेश है- “इस दिवाली घी दो, री-गिफ्ट नहीं होगा।” उनके मुताबिक, उपहार के रूप में दी जाने वाली मिठाइयों और सूखे मेवों के डिब्बे कई बार आगे किसी दूसरे व्यक्ति को दे दिए जाते हैं, जबकि घी और केसर जैसी उपयोगी वस्तुओं का घरों में सीधे इस्तेमाल किया जा सकता है।
पारंपरिक मिठाइयों का गिफ्ट पैक भी पेश
कंपनी ने घी और केसर के हैम्पर्स के अलावा चार तरह की पारंपरिक मिठाइयों वाला विशेष गिफ्ट पैक भी बाजार में उतारा है। कंपनी अपने ‘नमन’ ब्रांड के तहत ‘गोधेनु’ गाय के घी का विपणन करती है। त्योहारी सीजन में कंपनी को घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ उपहार बाजार से भी मांग मिलने की उम्मीद है।
इस तरह एक ओर घी की कीमतों में बढ़ोतरी आम उपभोक्ताओं के बजट को प्रभावित कर सकती है, वहीं दूसरी ओर कंपनियां नए उत्पादों और आकर्षक पैक के जरिए त्योहारी बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं।


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