स्वतंत्र विचार

भारतीय अस्मिता के प्रतीक: वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप

- महेन्द्र तिवारी     भारतीय इतिहास की गौरवशाली परंपरा में महाराणा प्रताप का नाम एक ऐसे देदीप्यमान नक्षत्र के समान है जिसकी आभा शताब्दियों के पश्चात भी तनिक भी फीकी नहीं पड़ी है। उनका व्यक्तित्व साहस, त्याग, अद्वितीय स्वाभिमान और अटूट...
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नर्सों का योगदान और विश्व स्वास्थ्य का भविष्य

- महेन्द्र तिवारी     मानवता की सेवा और उपचार की प्रक्रिया में नर्सों का योगदान अतुलनीय है। प्रत्येक वर्ष 12 मई को संपूर्ण विश्व अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाता है। यह दिवस केवल एक तिथि नहीं है बल्कि उस समर्पण और करुणा...
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ऑपरेशन सिंदूर में जवानों की सेवा कर 11 वर्षीय श्रवण सिंह बना देशभक्ति, समर्पण और साहस का अद्भुत प्रतीक

जब किसी देश की सीमाओं पर सैनिक दिन-रात पहरा दे रहे होते हैं, तब पूरा राष्ट्र उनके साहस और त्याग के भरोसे निश्चिंत होकर जीवन जीता है। लेकिन कभी-कभी इसी देश की मिट्टी से ऐसे अनमोल रत्न जन्म लेते हैं,...
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स्वयं को 'फ्री' रखने के लिए बच्चों को मोबाइल सौंपते माता-पिता

लेखक:प्रो (डा.) मनमोहन प्रकाश     ​बच्चे और माता-पिता का संबंध केवल जैविक नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और मार्गदर्शन का जीवंत सूत्र है। भारतीय संस्कृति में माता-पिता को बच्चे का प्रथम गुरु माना गया है, जो उन्हें न केवल चलना-बोलना बल्कि जीवन-मूल्य...
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हिंदुत्व, जाति और बंगाल का भविष्य

- महेन्द्र तिवारी     पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में वर्ष 2026 केवल एक चुनावी वर्ष नहीं बल्कि एक ऐसी निर्णायक ऐतिहासिक घटना बनकर उभरा है जिसने पूरे देश की राजनीति को नए ढंग से सोचने पर विवश कर दिया है।...
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बदले की राजनीति और बंगाल का बदलाव

पश्चिम बंगाल की राजनीति लंबे समय तक वैचारिक संघर्ष, सांस्कृतिक चेतना और जन आंदोलनों के लिए जानी जाती रही है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में राज्य की राजनीति पर भ्रष्टाचार, राजनीतिक प्रतिशोध, तुष्टिकरण, हिंसा और प्रशासनिक दुरुपयोग के आरोप लगातार...
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बहुत कठिन है डगर पनघट की

महेन्द्र तिवारी     तमिलनाडु की राजनीतिक में वर्ष 2026 के विधानसभा चुनावों ने एक ऐसी पटकथा लिख दी है जिसकी कल्पना पारंपरिक द्रविड़ राजनीति के दिग्गजों ने कदाचित ही की होगी। सिनेमा के पर्दे से निकलकर जननायक बनने की राह पर...
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राष्ट्रहित और जनहित के कार्य करने वालों को ही जनादेश

देश में हाल ही में पाँच राज्यों में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों की यदि ईमानदारी से व्याख्या की जाए, तो यह स्पष्ट दिखाई देता है कि जनता ने उन्हीं दलों और नेताओं को जनादेश दिया है जिनकी...
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राजस्थान में बढ़ती बम धमकियां : डर

राजस्थान में पिछले कुछ वर्षों के दौरान बम धमकियों के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी ने आम जनता, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पहले इस प्रकार की घटनाएं बहुत कम सुनने को मिलती थीं, लेकिन अब...
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राष्ट्रवाद का सबसे जटिल विरोधाभासी संक्रमण काल

वर्तमान समय में राष्ट्रवाद अपने सबसे जटिल, विरोधाभासी और बहुअर्थी दौर से गुजर रहा है, यह वह राष्ट्रवाद नहीं रह गया है जो स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान त्याग, नैतिक साहस, संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक समरसता का प्रतीक था, बल्कि यह...
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बंगाल में नए युग की शुरुआत

पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय बाद ऐसा परिवर्तन देखने को मिला है जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद अब राज्य में नई सरकार...
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प्रकृति की मूक चीख: एक पौधा हमें बचा सकता है, हम उसे बचा नहीं पा रहे

प्रकृति की गोद में रची-बसी भारतीय धरती आज भी जैव-विविधता के अनगिनत रहस्यों को अपने भीतर समेटे हुए है, और आधुनिक वैज्ञानिक खोजें लगातार यह साबित कर रही हैं कि यह खजाना अभी पूरी तरह सामने नहीं आया है।...
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