साहित्य/ज्योतिष

दैनिक राशिफल

1. मेष राशि रविवार का दिन नई ऊर्जा और उत्साह लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में अपनी योजनाओं को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें और अनावश्यक खर्च से बचें। परिवार के सदस्यों के साथ...
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दैनिक राशिफल

मेष राशि आज का दिन आपके लिए सक्रियता और नई जिम्मेदारियों से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपको अपनी योग्यता दिखाने का अवसर मिल सकता है। किसी पुराने काम को पूरा करने में सफलता मिलने की संभावना है। व्यापार ...
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दैनिक राशिफल

मेष राशि: आज का दिन आपके लिए नई संभावनाएं लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और सक्रियता का अच्छा परिणाम मिलेगा। नौकरीपेशा लोगों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में रुका हुआ काम आगे बढ़ेगा। परिवार में...
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दैनिक राशिफल

मेष: आज कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। मेहनत और आत्मविश्वास से काम पूरा होगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। परिवार में किसी सदस्य से मनमुटाव हो तो बातचीत से दूर करें। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें। वृषभ: आज...
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दैनिक राशिफल

मेष राशि: आज आपकी प्राथमिकता अधूरे काम निपटाने की रहेगी। नौकरी में किसी महत्वपूर्ण परियोजना की जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में ग्राहक और संपर्क बढ़ने से लाभ के रास्ते खुलेंगे। परिवार में किसी बुजुर्ग की सलाह आपके लिए उपयोगी...
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दैनिक राशिफल

मेष: आज कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। परिवार में किसी सदस्य से मतभेद हो सकते हैं, बातचीत से समाधान निकालें। वृषभ: आज रुके हुए काम पूरे होने के योग...
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चेक बाउंस का आख़िरी मौका

चेक बाउंस की कहानी ने, नया मोड़ लिया है, राजपाल के हिस्से में, सुको ने मौका दिया है। दो हफ्तों में भरो, वरना मुश्किल बढ़ जाएगी, कानून की चौखट पे, हर चाल नज़र आएगी।    कभी फिल्मों में हँसाते थे, किरदार...
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सिस्टम का बोझ और बुजुर्ग की पीठ...!

ज़नाब जूते न गंदे हो जाएं युवा साहब के, देखों इंसानियत को कीचड़ में बहा दिया। इस उम्र में उन्हें लाठी का सहारा देना था, उस उम्र में बुजुर्ग को ही घोड़ा बना दिया।     कुर्सी का नशा आँखों पर इस...
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बेटी की फीस के लिए...!

यूं नंगे पाँव दौड़ी माँ, साड़ी में लिपटी थी ममता, आँखों में एक सपना "बेटी" की पढ़ाई व क्षमता। रास्ते में पत्थर-दग्गड हैं आए, पाँवों में चुभते रहे, लोग तमाशा देखते रहे, "माँ" कदम बढ़ाती रही।    न जूते की चाह...
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यूपीआई : जेब से दुनिया तक

न जेब में सिक्कों की खनक, न नोटों की कोई कतार, मोबाइल उठाया, पिन लगाया, पल में हुआ कारोबार। दस वर्ष पहले जो सपना था, आज वही पहचान बना, छोटे चायवाले तक पहुँचा, "डिजिटल" हिंदुस्तान बना।    न बैंक की लंबी...
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राम-नाम की ज्योति जलाई...!

वह रामचरित के रचयिता, भक्ति-भाव के गायक, जन-जन के मन में बसें, तुलसीदास महानायक। शब्दों में उन्होंने "मर्यादा" रखी चौपाई में संस्कार, राम-नाम की ज्योति जलाई, मिटा दिया अंधकार।    अवधी की मीठी बोली में, भक्ति का है रस घोला, मानस...
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संजीव-नी

संजीव-नी।माँ की सीख, पिता का अनुशासनमाँ ने ऊँची आवाज़ मेंबड़े बोल नहीं बोलेउन्होंने रोटी पर सीख मिला दीमैं उसके स्वाद के संगबड़ा होता रहा।पिता ने कम शब्द रखे ,उनके मौन का अनुशासन...
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