श्रीराम कथा के भव्य आयोजन को लेकर आलोक दास जी महाराज ने की प्रेसवार्ता
जानकीनगर में सजेगा आस्था का महाकुंभ, नौ दिनों तक बहेगी श्रीराम कथा की अमृतधारा श्रीराम कथा के लिए सजने लगी जानकीनगर की धरा, देशभर के संत-महात्माओं का होगा समागम
आगामी 17 से 25 नवंबर 2026
तक जानकीनगर में सजेगा भक्ति का दरबार, राजन जी महाराज करेंगे श्रीराम कथा का रसपान; देशभर के संत-महात्माओं का होगा आगमन
स्वतंत्र प्रभात संवाददाता
बृजभूषण तिवारी
ब्यूरो
गोंडा। जयप्रभा ग्राम जानकीनगर में आगामी 17 से 25 नवंबर तक आयोजित होने वाली नौ दिवसीय श्रीराम कथा को लेकर गुरुवार को श्री भगवान होटल में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। इसमें श्री श्यामाजू ट्रस्ट के मुखिया श्री आलोक दास जी महाराज ने पत्रकारों से संवाद करते हुए आयोजन की भव्य रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि प्रसिद्ध कथावाचक राजन जी महाराज के मुखारविंद से श्रीराम कथा की अमृतधारा प्रवाहित होगी, जिसमें श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम के दिव्य चरित्र एवं आदर्शों का श्रवण करने का सौभाग्य प्राप्त होगा।
महाराज जी ने बताया कि इस आध्यात्मिक महोत्सव में देश के प्रतिष्ठित अखाड़ों के साधु-संतों, महात्माओं एवं धर्माचार्यों को आमंत्रित किया गया है। देश के विभिन्न प्रांतों से संत-महात्माओं का आगमन होगा, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना से आलोकित होगा।
उन्होंने बताया कि आयोजन की परिकल्पना अत्यंत भव्य एवं दिव्य स्वरूप में की गई है। प्रतिदिन लगभग डेढ़ लाख श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इस आयोजन के माध्यम से क्षेत्र के लाखों श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम की पावन कथा का रसपान करने का अवसर मिलेगा।
धार्मिक आयोजन के साथ विद्यार्थियों की प्रतिभा और उत्साहवर्धन को भी विशेष महत्व दिया गया है। छात्र-छात्राओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन कराया जाएगा, जिससे उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। साथ ही उनके मनोरंजन एवं उत्साहवर्धन के लिए भी विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
प्रेसवार्ता के दौरान श्री आलोक दास जी महाराज ने पत्रकारों के प्रति आत्मीयता एवं सम्मान प्रकट करते हुए उन्हें वस्त्र एवं मिठाई भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने सभी पत्रकार बंधुओं से श्रीराम कथा में पहुंचकर आयोजन की गरिमा बढ़ाने तथा प्रभु श्रीराम की अमृतमयी कथा का श्रवण करने का आग्रह किया।
महाराज जी ने कहा कि श्रीराम कथा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मर्यादा, त्याग, करुणा, सेवा, समर्पण और लोकमंगल की सनातन परंपरा का जीवंत संदेश है। भगवान श्रीराम का आदर्श जीवन संपूर्ण मानव समाज को सदाचार, कर्तव्यनिष्ठा और परस्पर प्रेम का मार्ग दिखाता है। इस आयोजन का उद्देश्य सनातन संस्कृति की आध्यात्मिक चेतना एवं भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना है।
अंत में उन्होंने समस्त क्षेत्रवासियों, धर्मप्रेमियों एवं श्रद्धालुओं से 17 से 25 नवंबर तक आयोजित होने वाली इस भव्य श्रीराम कथा में अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर सहभागी बनने और पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की।


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