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कड़ी निगरानी के बीच संपन्न हुई पीईटी-2026, 68.79 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
तीन दिनों में 60 जिलों के 1,372 केंद्रों पर हुई परीक्षा, 35.41 लाख पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 24.36 लाख हुए शामिल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी)-2026 प्रदेश के 60 जनपदों में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। 25 और 30 अक्टूबर तथा 1 नवंबर को आयोजित परीक्षा में पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 68.79 प्रतिशत ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए इस बार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), चेहरे की पहचान, आधार प्रमाणीकरण और बायोमेट्रिक सत्यापन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया। वहीं, हजारों सीसीटीवी कैमरों और केंद्रीय कमांड कंट्रोल रूम से परीक्षा केंद्रों की निगरानी की गई।
आयोग के अनुसार, तीन दिनों तक दो पालियों में आयोजित परीक्षा के लिए कुल 35,41,297 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 24,36,253 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। इस तरह कुल उपस्थिति 68.79 प्रतिशत रही। परीक्षा प्रदेश के 60 जनपदों के 1,372 केंद्रों पर कराई गई। सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत नकल और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक इंतजाम किए गए थे।
तकनीक से हुई अभ्यर्थियों की पहचान और निगरानी
परीक्षा को पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए अभ्यर्थियों की पहचान के सत्यापन में फेसियल रिकॉग्निशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आधार प्रमाणीकरण और बायोमेट्रिक प्रणाली का सहारा लिया गया। प्रत्येक उपस्थित अभ्यर्थी का फोटो और आइरिस डाटा भी दर्ज किया गया। परीक्षा केंद्रों पर लगाए गए 31,602 सीसीटीवी कैमरों के जरिए गतिविधियों पर नजर रखी गई। आयोग कार्यालय में केंद्रीय कमांड एंड कंट्रोल रूम बनाया गया था, जबकि सभी परीक्षा जनपदों में जिला स्तरीय कमांड सेंटर से भी लाइव निगरानी की व्यवस्था की गई।
करीब 94 हजार कार्मिकों की लगाई गई ड्यूटी
परीक्षा के सफल संचालन के लिए 2,744 सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट के साथ करीब 93,738 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती की गई। परीक्षा ड्यूटी में लगाए गए कार्मिकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की गई थी। परीक्षा से पहले उन्हें प्रशिक्षण और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। केंद्रों का पूर्व निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जांच भी की गई। गोपनीयता और सुरक्षा के मद्देनजर प्रदेश के 20 जनपदों के परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए गए। प्रवेश के समय अभ्यर्थियों की तलाशी ली गई तथा मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, स्मार्ट वॉच और स्मार्ट ग्लास सहित प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को परीक्षा कक्ष में ले जाने पर रोक रही।
अनियमितता पर कार्रवाई, दो अभ्यर्थियों के खिलाफ एफआईआर
परीक्षा के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई। आयोग के मुताबिक, 1 नवंबर को मैनपुरी में अभ्यर्थी राकेश कुमार के पास ब्लूटूथ डिवाइस मिलने पर संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पूरे तीन दिवसीय आयोजन के दौरान कुल दो अभ्यर्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। इसके अलावा एआई मैचिंग के जरिए 67 अभ्यर्थियों को संदिग्ध चिह्नित किया गया है। इन मामलों की जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अभ्यर्थियों के आवागमन के लिए अतिरिक्त बसों और ट्रेनों की व्यवस्था
परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त बसों और ट्रेनों का संचालन किया गया। यातायात और सड़क सुरक्षा के लिए भी जरूरी प्रबंध किए गए। प्रत्येक परीक्षा जनपद में हेल्पलाइन स्थापित की गई, ताकि अभ्यर्थियों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके। जिला प्रशासन, पुलिस, एसटीएफ, खुफिया इकाइयों, मजिस्ट्रेटों, केंद्र व्यवस्थापकों और अन्य कर्मचारियों के समन्वय से परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई।


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