निर्धारित स्थल के बजाय बटेश्वर की चक्की पर लग रहीं पटाखों की दुकानें

आबादी के बीच आतिशबाजी की बिक्री से हादसे का खतरा, पटाखा व्यापारियों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग उठाई

हर्षिता यादव  Picture
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सितारगंज। दीपावली के त्योहार को देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्र में आतिशबाजी की बिक्री के लिए अस्थायी दुकानों के संचालन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए सितारगंज, शक्तिफार्म और नानकमत्ता में तीन अलग-अलग स्थान निर्धारित किए गए हैं। उपजिलाधिकारी तुषार सैनी ने इस संबंध में आदेश जारी कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से निर्धारित स्थलों पर ही आतिशबाजी की दुकानें लगाने और सुरक्षा मानकों का पालन कराने की व्यवस्था की जा रही है। इसके बावजूद सितारगंज में निर्धारित स्थल से अलग बटेश्वर की चक्की पर बिना अनुमति पटाखों की दुकानें लगाए जाने का मामला सामने आया है।
 
बताया जा रहा है कि सितारगंज में आतिशबाजी की दुकानों के लिए मिनी स्टेडियम का स्थान निर्धारित किया गया है, लेकिन इसके विपरीत बटेश्वर की चक्की पर पटाखों की दुकानें लगाई जा रही हैं। इसको लेकर पटाखा कारोबारियों में भी नाराजगी है। व्यापारियों का कहना है कि जब प्रशासन ने आतिशबाजी की बिक्री के लिए स्थान निर्धारित कर दिया है तो सभी दुकानदारों को उन्हीं नियमों का पालन करना चाहिए। किसी को भी नियमों से अलग जाकर दुकान लगाने की छूट नहीं दी जानी चाहिए।
 
पटाखा व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बटेश्वर की चक्की आबादी वाला क्षेत्र है। यहां लोगों और वाहनों की आवाजाही भी रहती है। ऐसे में घनी आबादी के बीच ज्वलनशील आतिशबाजी की बिक्री होने से किसी भी समय गंभीर हादसा हो सकता है। यदि पटाखों में आग लगती है तो आसपास के घरों और दुकानों तक आग फैलने का खतरा बना रहेगा। व्यापारियों का कहना है कि दीपावली के दौरान पटाखों की खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ती है। ऐसे में सुरक्षा की अनदेखी करना लोगों की जान और माल के लिए खतरा बन सकता है।
 
व्यापारियों ने प्रशासन से सवाल उठाते हुए कहा कि जब एक स्थान पर अनुमति लेकर दुकानें लगाने के निर्देश हैं तो दूसरे स्थान पर नियमों को दरकिनार कर दुकानें कैसे संचालित की जा रही हैं। उन्होंने मांग की कि बटेश्वर की चक्की पर लगाई जा रही दुकानों की जांच कराई जाए और यदि बिना अनुमति दुकानें लगाई जा रही हैं तो तत्काल कार्रवाई की जाए।
 
व्यापारियों ने कहा कि नियम सभी के लिए बराबर होने चाहिए। प्रशासन को निर्धारित स्थल के अलावा अन्य स्थानों पर आतिशबाजी की बिक्री पर रोक लगानी चाहिए, ताकि दीपावली का त्योहार सुरक्षित माहौल में संपन्न हो सके। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और निर्धारित स्थलों के बाहर लगाई जा रही दुकानों पर कब तक रोक लगाई जाती है।

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