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रामपुर में सांस्कृतिक सद्भावना केन्द्र से विकास और विरासत को मिला नया आयाम
एक ही परिसर में आवास, खानपान, सभागार और सुरक्षित पार्किंग की एकीकृत उपलब्धता से आयोजकों एवं आगंतुकों दोनों को अभूतपूर्व सुविधा प्राप्त हो रही है।
जनपद रामपुर के पनवड़िया में 92 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बहुउद्देशीय ‘सांस्कृतिक सद्भावना केन्द्र‘ आधुनिक अवस्थापना विकास, स्थानीय विरासत और नागरिक सुविधाओं के समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है। केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित यह महत्वाकांक्षी परियोजना न केवल जनपद के ढांचागत विकास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, बल्कि यह जिले की कला, संस्कृति, हस्तशिल्प और सामाजिक गतिविधियों को एक सशक्त संस्थागत मंच भी प्रदान कर रही है।
जनपद में राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय शासकीय सम्मेलनों, वृहद सांस्कृतिक आयोजनों, कला प्रदर्शनियों और सामाजिक आयोजनों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त किसी बड़े बहुउद्देशीय परिसर की आवश्यकता लंबे समय से अनुभव की जा रही थी। इस दीर्घकालिक आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए इस वृहद परिसर की संकल्पना की गई, ताकि प्रशासनिक, अकादमिक, व्यापारिक और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विविध आयोजनों को एक ही स्थान पर गुणवत्तापूर्ण और सुगम वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
पनवड़िया स्थित यह भव्य परिसर आधुनिक वास्तुकला और समग्र योजनाबद्धता का प्रतिमान है। परियोजना के अंतर्गत 674 दर्शकों की क्षमता वाला अत्याधुनिक वातानुकूलित ऑडिटोरियम, एक सुसज्जित आर्ट गैलरी, तीन विशाल बैंक्वेट हॉल तथा 40 कमरों का एक सर्वसुविधायुक्त गेस्ट हाउस निर्मित किया गया है। इसके अतिरिक्त वाणिज्यिक एवं प्रदर्शनियों से जुड़ी गतिविधियों को गति देने के लिए परिसर में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स (ए एवं बी ब्लॉक) का भी सुनियोजित विकास किया गया है।
परिसर की कार्यप्रणाली को निर्बाध और आत्मनिर्भर बनाए रखने के लिए तकनीकी आधारभूत ढांचे पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके तहत उच्च क्षमता का समर्पित विद्युत सब-स्टेशन, आधुनिक पम्प हाउस, भूमिगत जल संचयन टैंक (यूजी टैंक) तथा मजबूत चारदीवारी का निर्माण कराया गया है। वृहद आयोजनों के दौरान सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए परिसर में व्यापक वाहन पार्किंग क्षेत्र और हरित आच्छादन से युक्त विशाल लॉन विकसित किए गए हैं, जो पर्यावरण संतुलन के साथ-साथ अत्यंत सुरुचिपूर्ण वातावरण भी प्रस्तुत करते हैं।
रामपुर की ऐतिहासिक पहचान यहां के परम्परागत हस्तशिल्प, जरी-जरदोजी, पैचवर्क और समृद्ध संगीत व सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ी रही है। सांस्कृतिक सद्भावना केन्द्र स्थानीय कारीगरों, दस्तकारों और युवाओं के हुनर को व्यापक मंच व बाजार उपलब्ध कराने में उत्प्रेरक की भूमिका निभाएगा। परिसर में प्रस्तावित हाट, शिल्प मेलों और प्रदर्शनियों के माध्यम से स्थानीय उत्पादकों को बिचौलियों के बिना सीधे खरीदारों से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा, जिससे जनपद की स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
बौद्धिक एवं सांस्कृतिक विमर्श के सम्वर्द्धन की दृष्टि से निर्मित 674 सीट क्षमता वाला ऑडिटोरियम जनपद के शैक्षणिक संस्थानों, युवा कलाकारों और सांस्कृतिक संस्थाओं के लिए एक मूल्यवान मंच सिद्ध होगा। इस आधुनिक सभागार के माध्यम से स्थानीय विद्यार्थियों और उभरती प्रतिभाओं को अपनी क्षमताएं प्रदर्शित करने का उत्कृष्ट अवसर मिलेगा। साथ ही, कला प्रेमियों और शिल्पकारों के लिए आर्ट गैलरी स्थायी प्रदर्शनियों, कार्यशालाओं और रचनात्मक सम्वाद का प्रमुख केंद्र बनेगी।
Read More प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मातृत्व सुरक्षा एवं महिला सशक्तीकरण को मिल रहा है प्रोत्साहनवर्तमान में इस संपूर्ण परिसर का प्रभावी संचालन एवं परिसंपत्ति प्रबंधन जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है। परिसर का उपयोग उच्चस्तरीय शासकीय बैठकों, विभागीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों, जनसंवाद सम्मेलनों और विकास योजनाओं से जुड़ी प्रदर्शनियों के लिए प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। इसके साथ ही, पारदर्शी नियमों एवं निर्धारित प्रक्रियाओं के अधीन गैर-शासकीय, व्यावसायिक एवं सामाजिक आयोजनों के लिए भी परिसर के विभिन्न कक्षों, हॉलों व लॉन के आवंटन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
केंद्र एवं प्रदेश सरकार की सर्वसमावेशी विकास नीति के अनुरूप यह केंद्र सामाजिक समरसता का संवाहक भी बनेगा। तीन बड़े बैंक्वेट हॉल और खुले प्रांगण की उपलब्धता के चलते यह आम नागरिकों के मांगलिक एवं सामाजिक समारोहों के लिए एक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और गरिमापूर्ण विकल्प उपलब्ध कराता है। एक ही परिसर में आवास, खानपान, सभागार और सुरक्षित पार्किंग की एकीकृत उपलब्धता से आयोजकों एवं आगंतुकों दोनों को अभूतपूर्व सुविधा प्राप्त हो रही है।
जिला प्रशासन द्वारा इस ऐतिहासिक सार्वजनिक परिसंपत्ति की निरंतर उपयोगिता और उच्चस्तरीय रखरखाव पर विशेष बल दिया जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता है कि इस भव्य केंद्र को केवल एक भौतिक संरचना तक सीमित न रखकर इसे निरन्तर जनहितकारी और सृजनात्मक गतिविधियों का केंद्र बनाया जाए। इसके लिए जनपद के समस्त विभागों, शैक्षणिक संस्थाओं और नागरिक समाज से आह्वान किया गया है कि वे अपने शासकीय एवं रचनात्मक कार्यक्रमों के लिए इस आधुनिक केंद्र का अधिकाधिक और विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करें।
92 करोड़ रुपये की यह विशाल परियोजना रामपुर जनपद की विकास यात्रा में एक युगांतरकारी अध्याय जोड़ती है। यह परिसर आधुनिक अवस्थापना सुविधाओं का उपयोग स्थानीय संस्कृति और विरासत को जीवन्त बनाए रखने के लिए किया जा सकता है। विकास, कला, हुनर और जनसहभागिता को एक सूत्र में पिरोने वाला यह सांस्कृतिक सद्भावना केन्द्र आने वाले समय में रामपुर को एक नई पहचान दिलाने के साथ-साथ भावी पीढ़ियों के लिए एक सशक्त सामाजिक व सांस्कृतिक धरोहर साबित होगा।
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-सूचना अधिकारी, जनपद रामपुर/
डॉ0 सीमा गुप्ता, से0नि0 सहा0 निदेशक सूचना।


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