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भाषा विश्वविद्यालय में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के तहत विशेष व्याख्यान आयोजित
विशेषज्ञ वक्ता ने सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और जवाबदेही को जीवन में अपनाने का दिया संदेश
लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम कुलपति प्रो. अजय तनेजा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इसका संयोजन शिक्षाशास्त्र विभाग की अध्यक्ष एवं सांस्कृतिक समिति की अध्यक्ष डॉ. नलिनी मिश्र ने किया। आयोजन में विश्वविद्यालय के कुलसचिव विकास तथा उपकुलसचिव मोहम्मद सहील की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. नलिनी मिश्र ने अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने सतर्कता जागरूकता सप्ताह के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए शैक्षणिक संस्थानों में नैतिक मूल्यों, ईमानदारी और जिम्मेदारी की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

मुख्य वक्ता के रूप में केएनआईपीएसएस, सुल्तानपुर के शिक्षाशास्त्र संकाय की सहायक आचार्य कंचन ने व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि सतर्कता केवल नियमों के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक व्यक्ति की व्यक्तिगत जिम्मेदारी और जीवनशैली का हिस्सा होनी चाहिए। कार्यस्थल और सामाजिक जीवन में सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता तथा जवाबदेही अपनाना आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में भ्रष्टाचार के प्रति सजग रहने और डिजिटल युग में प्रशासनिक शुचिता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। साथ ही एक सशक्त और पारदर्शी राष्ट्र के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. रामदास ने मुख्य वक्ता, विश्वविद्यालय प्रशासन, आयोजन समिति और सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विभिन्न संकायों के शिक्षक, शोधार्थी, अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।


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