राजनीति
5 फरवरी से शुरू होंगी यूपी बोर्ड परीक्षाएं, पाठ्यक्रम समय से पूरा कराने के निर्देश
अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने शिक्षकों से किया सीधा संवाद, ‘रिवर्स टाइम टेबल’ बनाकर पुनरावृत्ति कराने पर जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों को लेकर अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने शिक्षकों और अधिकारियों को पाठ्यक्रम समय से पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आगामी बोर्ड परीक्षाएं 5 फरवरी से शुरू होंगी। ऐसे में शिक्षक शेष समय का बेहतर उपयोग करते हुए ‘रिवर्स टाइम टेबल’ बनाएं, ताकि पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद विद्यार्थियों को पुनरावृत्ति और अभ्यास का पर्याप्त अवसर मिल सके।
पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बुधवार को राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान (एसआईईटी), लखनऊ से यूट्यूब लाइव के माध्यम से शिक्षकों, प्रधानाचार्यों, मेंटर्स, अधिकारियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों से संवाद किया। इस दौरान शैक्षिक सत्र 2026-27 की प्राथमिकताओं, विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में सुधार, निपुण भारत मिशन और परीक्षा की तैयारियों पर चर्चा की गई।
उन्होंने विद्यार्थियों को परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए उत्तर बिंदुवार लिखने, महत्वपूर्ण तथ्यों को रेखांकित करने तथा जरूरत के अनुसार चार्ट, ग्राफ और चित्रों का इस्तेमाल करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि परिषद की वेबसाइट पर उपलब्ध मॉडल प्रश्नपत्रों के आधार पर विद्यार्थी ढाई से तीन घंटे के मॉक टेस्ट दें, ताकि वास्तविक परीक्षा का अभ्यास हो सके। अभिभावकों से बच्चों पर अनावश्यक दबाव नहीं डालने की अपील करते हुए उन्होंने प्रतिदिन 15 से 20 मिनट खेलकूद के लिए निकालने पर भी जोर दिया।
कक्षा पांच तक विस्तारित हुआ निपुण भारत मिशन
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि उत्तर प्रदेश ने निपुण भारत मिशन को कक्षा पांच तक विस्तारित किया है। इसके तहत निपुण आकलन दो चरणों में होगा। पहला चरण 20 से 30 दिसंबर और दूसरा चरण 20 से 30 जनवरी के बीच आयोजित किया जाएगा। मूल्यांकन डीएलएड और बीटीसी प्रशिक्षुओं के माध्यम से कराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य विद्यालयों को दंडित करना नहीं, बल्कि सीखने में आ रही कमियों की पहचान कर सुधार के उपाय करना है।
कमजोर विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में सुधार के लिए 22 सूत्रीय ‘कैच-अप प्लान’ लागू किया गया है। इसके तहत शिक्षकों को प्रतिदिन 30 मिनट से एक घंटे तक अतिरिक्त शिक्षण के लिए देने और सहपाठी शिक्षण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही विज्ञान, गृह विज्ञान और भूगोल की प्रयोगशालाओं को सक्रिय करने, स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब को नियमित शिक्षण से जोड़ने पर जोर दिया गया।
शिक्षकों की भर्ती और नवाचार पर जोर
शिक्षकों के नवाचारों को साझा करने के लिए ‘उद्गम’ पोर्टल का उपयोग बढ़ाने और शिक्षक संकुल की बैठकें अलग-अलग विद्यालयों में आयोजित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में अतिरिक्त शिक्षकों का समायोजन किया जा रहा है। नगर क्षेत्र में 11 हजार शिक्षकों तथा माध्यमिक और सहायता प्राप्त विद्यालयों में 17 हजार से अधिक टीजीटी, पीजीटी और प्रधानाध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया भी प्रगति पर है। मंत्री स्तर के बजाय शासन की व्यवस्था के तहत हर वर्ष एक अप्रैल को रिक्तियों का आकलन कर 31 मई तक भर्ती आयोगों को अधियाचन भेजने की व्यवस्था की गई है।
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पीएम पोषण योजना के तहत नवंबर से 14 सप्ताह तक पूरक पोषण के रूप में बच्चों को गर्म और ताजा हलवा व उपमा परोसा जाएगा। इसके लिए रसोइयों को अतिरिक्त पारिश्रमिक दिया जाएगा। भोजन की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए नवंबर-दिसंबर में उत्कृष्ट रसोइयों की प्रतियोगिता आयोजित कर उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा।


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