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प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मातृत्व सुरक्षा एवं महिला सशक्तीकरण को मिल रहा है प्रोत्साहन
महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित सेवाओं को प्रभावी रूप से लागू कर योजना को बेहतर तौर पर क्रियान्वित किया जा सके
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार तथा मातृत्व के दौरान होने वाली आर्थिक कठिनाइयों को कम करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना संचालित की जा रही है। वर्ष 2017 से प्रारंभ इस योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान कर गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य जांच, सुरक्षित प्रसव तथा नवजात शिशु के टीकाकरण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में योजना का क्रियान्वयन स्वास्थ्य विभाग से महिला कल्याण तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को हस्तांतरित किया गया है, जिससे महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित सेवाओं को प्रभावी रूप से लागू कर योजना को बेहतर तौर पर क्रियान्वित किया जा सके।
इस योजना के अंतर्गत प्रथम संतान के जन्म पर पात्र लाभार्थी महिला को दो किस्तों में कुल 5,000 रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। पहली किस्त में 3,000 रुपये गर्भावस्था का पंजीकरण कराने तथा निर्धारित अवधि में कम से कम एक प्रसवपूर्व स्वास्थ्य जांच कराने पर दिए जाते हैं। दूसरी किस्त में 2,000 रुपये बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने तथा 14 सप्ताह की आयु तक निर्धारित टीकाकरण पूरा होने पर प्रदान किए जाते हैं। वहीं, दूसरी संतान यदि बालिका हो, तो पात्र लाभार्थी को 6,000 रुपये की सहायता एकमुश्त प्रदान करने का प्रावधान है। इस वित्तीय सहायता का उद्देश्य महिलाओं को गर्भावस्था एवं शिशु के प्रारंभिक विकास के दौरान आवश्यक स्वास्थ्य और पोषण संबंधी देखभाल के लिए प्रोत्साहित करना है।
योजना का लाभ निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करने वाली महिलाओं को दिया जाता है। इसके अंतर्गत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की महिलाएं, दिव्यांग महिलाएं, बीपीएल एवं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत राशन कार्ड धारक महिलाएं, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की लाभार्थी महिलाएं, ई-श्रम कार्ड धारक, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की लाभार्थी महिला किसान तथा मनरेगा जॉब कार्ड धारक महिलाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त निर्धारित पारिवारिक आय सीमा के अंतर्गत आने वाली महिलाओं तथा केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित अन्य पात्र श्रेणियों को भी योजना का लाभ दिया जाता है। लाभार्थी की आयु बच्चे के जन्म के समय निर्धारित आयु सीमा के अनुरूप होनी चाहिए तथा जन्म के 270 दिनों के भीतर पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाना जरूरी है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से भेजी जाती है। भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लाभार्थी का फेस कैप्चर (थ्त्ै) तथा बैंक खाते का आधार और एनपीसीआई से लिंक होना आवश्यक है। डिजिटल माध्यम से भुगतान किए जाने से सहायता राशि सीधे पात्र महिला तक पहुंचाने और बिचौलियों की भूमिका को समाप्त करने में सहायता मिलती है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। वर्ष के लिए निर्धारित 11,92,700 लाभार्थियों के नामांकन लक्ष्य के सापेक्ष 10 सितंबर, 2026 तक 5,24,291 के लक्ष्य के विरुद्ध कुल 5,37,018 लाभार्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है। इस प्रकार निर्धारित अवधि के लक्ष्य के सापेक्ष 102.43 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई है। वित्तीय प्रगति के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 4,15,846 लाभार्थियों को 133.60 करोड़ रुपये की धनराशि का भुगतान किया गया है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। वित्तीय सहायता के साथ गर्भावस्था के पंजीकरण, प्रसवपूर्व स्वास्थ्य जांच और बच्चों के टीकाकरण को प्रोत्साहन देकर यह योजना मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में प्रभावी सिद्ध हो रही है। उत्तर प्रदेश में नामांकन लक्ष्य के सापेक्ष प्राप्त उपलब्धि तथा प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से किए जा रहे भुगतान से पात्र महिलाओं तक सरकारी सहायता पहुंचाने के प्रयासों को गति मिल रही है।
लाल कमल, सूचना अधिकारी


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