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ग्रामीण स्वच्छता को मिलेगी नई रफ्तार, 75 जिलों में बनेंगे 150 फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट
ओडीएफ प्लस लक्ष्यों को गति देने के लिए पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर की अध्यक्षता में बैठक, स्वच्छता जागरूकता के लिए एलईडी वैन, नुक्कड़ नाटक और लोकगीतों का होगा आयोजन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने और खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) स्थिति को स्थायी बनाए रखने के लिए प्रदेश सरकार ने नई कार्ययोजना तैयार की है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम चरण में प्रदेश के सभी 75 जिलों में 150 फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर की अध्यक्षता में मंगलवार को विधानसभा स्थित उनके कार्यालय में विभाग की गवर्निंग बॉडी की उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसमें ओडीएफ स्थायित्व और ओडीएफ प्लस के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से हासिल करने के लिए विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा कर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में प्रमुख सचिव पंचायती राज रविंद्र, निदेशक धीरेंद्र सिंह सचान, विशेष सचिव राजेश त्यागी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
जनजागरूकता के लिए चलेंगी एलईडी वैन और नुक्कड़ नाटक
बैठक में स्वच्छता से जुड़ी सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) गतिविधियों को व्यापक स्तर पर संचालित करने की मंजूरी दी गई। इसके तहत प्रदेशभर में एलईडी वैन, नुक्कड़ नाटक, लोकगीत, दीवार लेखन और स्कूलों में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा।
इन गतिविधियों में एकरूपता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ई-प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया के तहत निविदा आमंत्रित कर प्रतिष्ठित संस्था का चयन निदेशालय स्तर से किया जाएगा। चयनित संस्था प्रदेशभर में जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन करेगी। इसका उद्देश्य स्वच्छता अभियान को जनभागीदारी से जोड़ना और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देना है।
826 विकासखंडों के लिए 400 प्लांट बनाने की योजना
ग्रामीण क्षेत्रों में फीकल स्लज प्रबंधन को मजबूत करने के लिए प्रति दो विकासखंड पर एक फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने का प्रावधान किया गया है। प्रदेश के 826 विकासखंडों के लिए कुल 400 एफएसटीपी बनाने की योजना है। इसके तहत पहले चरण में सभी 75 जिलों में दो-दो प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इस प्रकार कुल 150 इकाइयों के निर्माण का लक्ष्य स्वीकृत किया गया है।
पांच साल तक संचालन और रखरखाव की भी व्यवस्था
बैठक में प्लांट निर्माण के साथ उनके संचालन और रखरखाव पर भी जोर दिया गया। स्वीकृत एफएसटीपी इकाइयों के निर्माण तथा अगले पांच वर्षों तक उनके सुचारू संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी के लिए नामित कार्यदायी संस्था के साथ 15 दिनों के भीतर अनुबंध प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद परियोजनाओं का काम धरातल पर शुरू कराया जाएगा।
मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी स्वीकृत परियोजनाओं को तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराया जाए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने और ओडीएफ प्लस के लक्ष्यों को प्रभावी तरीके से हासिल करने पर विशेष जोर दिया।


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