शक्तिफार्म में मिट्टी माफियाओं का साम्राज्य, कानून बेबस

शाम ढलते ही सक्रिय रहता है नेटवर्क,  ट्रैक्टर-ट्रालियों से खुलेआम हो रहा मिट्टी का उठान निर्माणाधीन प्लॉटों में बिना अनुमति मिट्टी डालने का आरोप,  कार्रवाई नहीं होने से बढ़ रहे हौसले

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शक्तिफार्म।(दीपक भारद्वाज) शक्तिफार्म में अवैध मिट्टी खनन का कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मिट्टी खनन और ढुलाई का यह खेल लंबे समय से चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण मिट्टी कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं। आरोप है कि खनन करने वाले लोग रात के अंधेरे में जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रालियों के माध्यम से मिट्टी का उठान कर रहे हैं।
 
स्थानीय लोगों के मुताबिक शाम ढलते ही मिट्टी खनन और ढुलाई का सिलसिला तेज हो जाता है। इस दौरान ट्रैक्टर-ट्रालियों की आवाजाही शुरू हो जाती है और कथित तौर पर मिट्टी को आसपास के निर्माणाधीन प्लॉटों तथा अन्य स्थानों पर पहुंचाया जाता है। आरोप है कि कई जगह बिना आवश्यक अनुमति और वैध रॉयल्टी के मिट्टी डालने का काम किया जा रहा है। इससे सरकार को राजस्व की क्षति होने की बात कही जा रही है।
 
लोगों का कहना है कि रात के समय होने वाले खनन के कारण क्षेत्र में मिट्टी की खुदाई लगातार बढ़ रही है। कई स्थानों पर जमीन की सतह को काटकर बड़ी मात्रा में मिट्टी निकाले जाने से आसपास के क्षेत्र में गड्ढे बन रहे हैं। वहीं, खनन के बाद मिट्टी को ट्रैक्टर-ट्रालियों में भरकर निर्माण स्थलों तक पहुंचाया जा रहा है। इससे ग्रामीण और स्थानीय मार्गों पर भी भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ रही है।
 
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि अवैध खनन की जानकारी संबंधित अधिकारियों को होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। कुछ लोगों ने राजस्व विभाग और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए मिलीभगत और संरक्षण के आरोप लगाए हैं।  ग्रामीणों का कहना है कि यदि नियमित रूप से निगरानी और जांच की जाए तो रात के समय होने वाले मिट्टी के अवैध उठान पर आसानी से रोक लगाई जा सकती है।
 
लोगों का यह भी कहना है कि मिट्टी के अवैध कारोबार से सरकार को खनन राजस्व के रूप में मिलने वाली रकम का नुकसान हो रहा है। यदि बड़े स्तर पर लंबे समय से मिट्टी का उठान किया जा रहा है तो राजस्व की क्षति लाखों रुपये तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने, खनन स्थल का स्थलीय निरीक्षण करने और मिट्टी की ढुलाई में लगे वाहनों की जांच कराने की मांग की है।
 
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि शक्ति फार्म में रात के समय विशेष निगरानी की जाए और अवैध खनन में इस्तेमाल हो रहे वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी जांच हो कि जिन निर्माणाधीन प्लॉटों में मिट्टी डाली जा रही है, वहां मिट्टी लाने और डालने की अनुमति तथा रॉयल्टी संबंधी दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं।
 
ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की तो अवैध खनन का यह कारोबार और बढ़ सकता है। लोगों ने जिलाधिकारी और खनन विभाग से मामले का संज्ञान लेकर संयुक्त जांच अभियान चलाने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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