नवीनतम
फीचर्ड
राजनीति
नवीकरणीय ऊर्जा में देश का अग्रणी राज्य बनने की ओर बढ़ रहा यूपी : ए.के. शर्मा
भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट-2026 में ऊर्जा मंत्री ने पेश किया प्रदेश का विजन, सौर ऊर्जा और बायोएनर्जी परियोजनाओं के जरिए उत्तर प्रदेश को ग्रीन एनर्जी हब बनाने पर जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश स्वच्छ और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी भागीदारी बढ़ाते हुए देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एवं एक्सपो-2026 में प्रदेश की उपलब्धियों, निवेश की संभावनाओं और भावी कार्ययोजना को प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को नवीकरणीय ऊर्जा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा आत्मनिर्भरता और स्वच्छ ऊर्जा के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सौर ऊर्जा, बायोएनर्जी और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, पीएम-कुसुम, सोलर सिटी और बड़े स्तर की सौर ऊर्जा परियोजनाओं के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा को आम लोगों, किसानों और उद्योगों तक पहुंचाया जा रहा है।
रोजगार और निवेश के नए अवसर खोलेगी हरित ऊर्जा
ए.के. शर्मा ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा केवल बिजली उत्पादन का विकल्प नहीं है, बल्कि इससे पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन, किसानों की आय में वृद्धि और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने के अवसर भी जुड़े हैं। सौर ऊर्जा के साथ संपीड़ित जैव गैस (सीबीजी) और अन्य बायोएनर्जी परियोजनाओं में उत्तर प्रदेश में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं।

उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, उद्योग जगत की भागीदारी और निवेशकों के सहयोग से प्रदेश को ग्रीन एनर्जी के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
यूपीनेडा ने प्रदर्शित कीं प्रमुख योजनाएं
समिट में प्रदेश की नोडल एजेंसी उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) की ओर से विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं का प्रदर्शन किया गया। इनमें सोलर सिटी, बड़े स्तर की सौर ऊर्जा परियोजनाएं, संपीड़ित जैव गैस (सीबीजी), बायोएनर्जी परियोजनाएं, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) प्रमुख रूप से शामिल रहीं।
5 नवंबर तक चलेगा आयोजन
दो से पांच नवंबर तक आयोजित इस समिट में देश-विदेश के नीति निर्माता, निवेशक, उद्योग प्रतिनिधि, तकनीकी विशेषज्ञ और विभिन्न राज्यों की नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ी नोडल एजेंसियां हिस्सा ले रही हैं। आयोजन के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश, तकनीकी नवाचार और विभिन्न राज्यों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की जा रही है।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव रणवीर प्रसाद, निदेशक रविंद्र सिंह, सचिव पंकज सिंह सहित ऊर्जा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


Comments