उत्क्रमित मध्य विद्यालय गौसपुर में बच्चों ने रंगोली बनाकर और दीप जलाकर प्रस्तुत की दीपोत्सव की मनमोहक झलक
बच्चों की इस सुंदर और उत्साहपूर्ण प्रस्तुति से पूरा विद्यालय परिसर दीपावली के रंग में रंगा नजर आया
एकमा (सारण)। जिले के एकमा प्रखंड के गौसपुर स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में शुक्रवार को दीपावली के अवसर पर दीपोत्सव की मनमोहक झलक देखने को मिली। इस दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा और कलात्मक कौशल का प्रदर्शन करते हुए आकर्षक रंगोलियां बनाईं तथा विद्यालय परिसर में दीप जलाकर दीपोत्सव की खुशियां साझा कीं। बच्चों की इस सुंदर और उत्साहपूर्ण प्रस्तुति से पूरा विद्यालय परिसर दीपावली के रंग में रंगा नजर आया।
विद्यालय में आयोजित इस विशेष गतिविधि के दौरान छात्र-छात्राओं ने रंग-बिरंगे रंगों का इस्तेमाल कर विभिन्न प्रकार की आकर्षक रंगोलियां तैयार कीं। रंगोलियों में दीपावली के पारंपरिक स्वरूप, दीपों की आकृतियों और पर्व से जुड़े विभिन्न कलात्मक चित्रों को उकेरने का प्रयास किया गया। इसके बाद बच्चों ने रंगोली के आसपास और विद्यालय परिसर में दीप प्रज्वलित कर दीपोत्सव की जीवंत झलक प्रस्तुत की। दीपों की रोशनी और रंग-बिरंगी रंगोलियों ने विद्यालय के वातावरण को आकर्षक एवं उत्सवी बना दिया।
इस अवसर पर बच्चों में विशेष उत्साह और उमंग देखने को मिली। छात्र-छात्राओं ने पूरे मनोयोग से इस गतिविधि में भाग लिया और अपनी कल्पनाशीलता को रंगों एवं दीपों के माध्यम से प्रदर्शित किया। बच्चों की ओर से तैयार की गई रंगोलियां उनकी रचनात्मक सोच, कलात्मक अभिरुचि और सामूहिक सहभागिता का सुंदर उदाहरण बनीं।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक मंजीत कुमार तिवारी सहित उपस्थित शिक्षक-शिक्षिकाओं दिग विजय कुमार गुप्ता, सनोज कुमार राम, योगेश कुमार सिंह, कमल कुमार सिंह, छवि नाथ मांझी, राज मोहम्मद अंसारी, अंजू कुमारी, सोनाली नंदा, कुमारी अर्किता कुशवाहा आदि ने बच्चों की इस पहल और उनकी कलात्मक प्रस्तुतियों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की रचनात्मक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से बच्चों में छिपी प्रतिभा को निखरने का अवसर मिलता है। साथ ही विद्यार्थियों में आपसी सहयोग, सामूहिक कार्य करने की भावना, सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति सम्मान और त्योहारों के महत्व की समझ विकसित होती है।
शिक्षकों ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने का पर्व नहीं है, बल्कि यह अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और निराशा पर आशा की विजय का प्रतीक भी है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, परंपरा और त्योहारों के वास्तविक संदेश से जोड़ने में मदद मिलती है।
विद्यालय में आयोजित इस दीपोत्सव गतिविधि ने बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ अपनी रचनात्मक प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान किया। छात्र-छात्राओं की आकर्षक प्रस्तुतियों और दीपों की जगमगाहट ने विद्यालय परिसर में दीपावली के उल्लास को और भी यादगार बना दिया।


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