लोक शिकायत अधिनियम से सुनीता देवी को मिला न्याय, सरकारी सड़क की जमीन हुई अतिक्रमण मुक्त
महीनों से अंचल कार्यालय का लगा रहीं थीं चक्कर, लोक शिकायत में आवेदन देते ही हुआ समस्या का समाधान
सुपौल। बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम आम नागरिकों के लिए न्याय पाने का मजबूत माध्यम बन रहा है। इस अधिनियम के तहत सुपौल जिले की एक महिला की महीनों पुरानी समस्या का समाधान महज कुछ दिनों में कर दिया गया। किशनपुर प्रखंड के लालगंज बाजार निवासी सुनीता देवी को सरकारी सड़क की जमीन अतिक्रमण मुक्त होने से बड़ी राहत मिली है।
जानकारी के अनुसार, सुनीता देवी मौजा सुखासन में अपनी आवासीय भूमि (खाता संख्या 179, खेसरा संख्या 4775) के समीप स्थित सरकारी सड़क की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए कई महीनों से अंचल कार्यालय किशनपुर का चक्कर लगा रही थीं। समस्या का समाधान नहीं होने पर उन्होंने 16 सितंबर 2026 को जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, सुपौल के समक्ष परिवाद संख्या 506210117072604123/1A के तहत शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद लोक शिकायत निवारण कार्यालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लोक प्राधिकार सह अंचल अधिकारी, किशनपुर को आवश्यक निर्देश दिया। इसके बाद अंचल अधिकारी ने पत्रांक 2320, दिनांक 30 अक्टूबर 2026 के माध्यम से प्रतिवेदन सौंपा कि अतिक्रमण वाद संख्या 08/2025-26 के तहत मौजा सुखासन, थाना नंबर 63 के सड़क खेसरा संख्या 4567 की अतिक्रमित भूमि को 29 अक्टूबर 2026 को पुलिस बल एवं दंडाधिकारी की मौजूदगी में अतिक्रमण मुक्त करा दिया गया।
समस्या का समाधान होने पर सुनीता देवी ने संतोष जताते हुए कहा कि जिस काम के लिए वह महीनों से परेशान थीं, उसका समाधान लोक शिकायत निवारण अधिनियम के माध्यम से हो गया। उन्होंने इस व्यवस्था को आम नागरिकों के लिए न्याय पाने का सशक्त माध्यम बताया।
5 जून 2016 से लागू है अधिनियम
गौरतलब है कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 को राज्य में 5 जून 2016 से लागू किया गया था। इसके तहत प्राप्त शिकायतों का नियत समय-सीमा यानी 60 कार्य दिवसों के भीतर निवारण सुनिश्चित किया जाता है। राज्य में अब तक 17 लाख से अधिक मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया जा चुका है।
आम नागरिक घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल https://lokshikayat-bihar-gov-in/ या जन समाधान मोबाइल ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा टोल फ्री नंबर 18003456284 पर कॉल कर भी अपनी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।


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