योगी सरकार ने आयुष चिकित्सा का बढ़ाया दायरा, साढ़े नौ साल में मजबूत हुआ ढांचा
गोरखपुर में प्रदेश का पहला आयुष विश्वविद्यालय स्थापित, 1034 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और 225 योग केंद्रों से मिल रहीं सुविधाएं
लखनऊ। धन्वंतरि जयंती के अवसर पर प्रदेश में आयुष चिकित्सा के विस्तार और उपलब्धियों पर नजर डालें तो पिछले साढ़े नौ वर्षों में इस क्षेत्र का संस्थागत और चिकित्सकीय ढांचा विकसित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को जनसामान्य तक पहुंचाने के साथ शिक्षा, शोध और उपचार की सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया गया है। वर्ष 2017 में अलग आयुष विभाग के गठन के बाद इन चिकित्सा पद्धतियों को एक प्रशासनिक व्यवस्था के तहत लाकर इनके विकास और संचालन की दिशा में काम किया गया।
गोरखपुर में प्रदेश का पहला आयुष विश्वविद्यालय
प्रमुख सचिव, आयुष रंजन कुमार के अनुसार, आयुष चिकित्सा शिक्षा को व्यवस्थित और प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप गोरखपुर में महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना की गई। करीब 52 एकड़ में विकसित इस विश्वविद्यालय की आधारशिला अगस्त 2021 में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रखी थी। जुलाई 2025 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसका उद्घाटन किया। यह प्रदेश का पहला आयुष विश्वविद्यालय है। इससे करीब 100 आयुष महाविद्यालय संबद्ध हैं। यहां बीएएमएस, बीयूएमएस और बीएचएमएस सहित स्नातक एवं परास्नातक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई और परीक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय में शोध और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
50 बेड के 16 एकीकृत आयुष अस्पताल संचालित
आयुष चिकित्सा सुविधाओं को जिला स्तर तक पहुंचाने के लिए 50 बेड वाले एकीकृत अस्पतालों की स्थापना की गई है। इन अस्पतालों में आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी पद्धतियों के माध्यम से उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। दिसंबर 2021 में प्रदेश के आठ शहरों में ऐसे अस्पतालों का उद्घाटन किया गया था। वर्तमान में 50 बेड वाले 16 एकीकृत आयुष अस्पताल पूरी तरह संचालित हैं। इसके अतिरिक्त बुलंदशहर, फतेहपुर, हरदोई और उन्नाव में चार अस्पतालों का निर्माण लगभग पूरा होने की जानकारी दी गई है। मेरठ में 50 बेड और जौनपुर में 30 बेड के एकीकृत आयुष अस्पताल का निर्माण भी जारी है।
1034 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और 225 योग केंद्र
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों तक आयुष सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रदेश में 1034 आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और 225 योग वेलनेस सेंटर स्थापित किए गए हैं। इनके माध्यम से आयुर्वेदिक परामर्श, योगाभ्यास, प्राकृतिक चिकित्सा और रोगों से बचाव के उपायों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित योग के प्रति जागरूक करने के साथ आयुष चिकित्सा को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
3968 अस्पतालों, क्लीनिकों और औषधालयों से उपचार
प्रदेश में आयुष चिकित्सा सेवाओं के लिए सरकारी अस्पतालों, क्लीनिकों और औषधालयों का नेटवर्क भी विकसित किया गया है। कुल 3968 संस्थानों के माध्यम से विभिन्न आयुष पद्धतियों में उपचार की सुविधाएं दी जा रही हैं। राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत सरकारी अस्पतालों और औषधालयों में आधारभूत सुविधाओं के विकास, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और चिकित्सा सेवाओं के विस्तार पर काम किया जा रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में आयुष सेवाओं की उपलब्धता से मरीजों को उपचार के अतिरिक्त विकल्प मिल रहे हैं।
आयुष चिकित्सा के शैक्षणिक संस्थानों से लेकर अस्पतालों, वेलनेस सेंटरों और योग केंद्रों तक विस्तार का उद्देश्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को अधिक लोगों तक पहुंचाना है। सरकार का जोर इन सेवाओं को शिक्षा, शोध और उपचार की मजबूत व्यवस्था से जोड़ने पर है।


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