आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की दिवाली होगी रोशन, मानदेय बढ़ाकर योगी सरकार ने दिया तोहफा

करीब 3.46 लाख कर्मियों को मिलेगा आर्थिक लाभ, परिवार को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा

हर्षिता यादव  Picture
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लखनऊ। प्रदेश की लाखों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए इस बार दीपावली खुशियों की नई सौगात लेकर आई है। योगी सरकार ने उनके मानदेय में बढ़ोतरी कर आर्थिक स्थिति मजबूत करने की पहल की है। बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाली इन कर्मियों को अब बढ़ा हुआ मानदेय मिल रहा है। कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय आठ हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये और सहायिकाओं का चार हजार से बढ़ाकर छह हजार रुपये कर दिया गया है। इससे कार्यकर्ताओं को हर महीने चार हजार और सहायिकाओं को दो हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।

सरकार के इस फैसले से 1,75,982 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और 1,70,656 सहायिकाओं को लाभ मिलेगा। मानदेय में वृद्धि के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा, वस्त्र और तकनीकी सुविधाओं का भी विस्तार किया गया है। इससे न केवल उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि परिवारों को भी आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा का सहारा मिलेगा।

परिवार को पांच लाख तक कैशलेस इलाज, अब मिलेंगी तीन साड़ियां

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के साथ उनके परिवारों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। अब उन्हें परिवार सहित सालाना पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इसके तहत सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में उपचार कराया जा सकेगा।

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इसके अलावा अब तक मिलने वाली दो साड़ियों के स्थान पर तीन साड़ियां उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए प्रति कर्मी 500 रुपये अतिरिक्त देने की व्यवस्था की गई है। इस मद में सरकार करीब 20 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इन सुविधाओं से कर्मियों को आर्थिक मदद के साथ स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों में भी राहत मिलेगी।

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स्मार्टफोन और भवनों से आधुनिक होंगे आंगनवाड़ी केंद्र

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आंगनवाड़ी व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने के लिए सरकार स्मार्टफोन भी उपलब्ध करा रही है। पहले चरण में 1,23,398 स्मार्टफोन दिए गए थे। इसके बाद प्रतिस्थापन नीति के तहत 69,803 अतिरिक्त स्मार्टफोन उपलब्ध कराए गए। इनकी मदद से बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारियां वास्तविक समय में दर्ज करना आसान हुआ है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र को अपना भवन उपलब्ध कराने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है। सरकार का प्रयास है कि बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिलें और कार्यकर्ताओं को भी सुविधाजनक वातावरण में काम करने का अवसर मिले।

आंगनवाड़ी कर्मियों के योगदान को मिल रहा सम्मान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भूमिका को बच्चों के भविष्य की नींव बताते हुए उनके योगदान की सराहना की है। कोरोना काल में भी इन कर्मियों ने गांव-गांव पहुंचकर लोगों की स्क्रीनिंग और संक्रमित व्यक्तियों की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

महिला एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार 1,75,982 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और 1,70,656 सहायिकाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और सामाजिक सुरक्षा के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मानदेय वृद्धि से उन्हें हर महीने अतिरिक्त आर्थिक संबल मिलेगा। परिवार को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने से स्वास्थ्य सुरक्षा का भरोसा भी बढ़ेगा। सरकार का उद्देश्य बच्चों के पोषण और देखभाल में अहम भूमिका निभाने वाली कर्मियों को बेहतर सुविधाएं और सम्मान उपलब्ध कराना है।

कार्यकर्ताओं ने फैसले को बताया राहत भरा

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सावित्री ने कहा कि मानदेय में बढ़ोतरी का फैसला सभी कार्यकर्ताओं के लिए खुशी की बात है। हर महीने चार हजार रुपये अतिरिक्त मिलने से घर के खर्च और बच्चों की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। दीपावली के अवसर पर सरकार की इस सौगात से उनकी खुशियां बढ़ गई हैं।

वहीं, सीमा ने कहा कि मानदेय बढ़ने के साथ पूरे परिवार को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलना भी महत्वपूर्ण है। बीमारी के समय अक्सर परिवारों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यह सुविधा बड़ी राहत देगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने उनकी मेहनत और जिम्मेदारियों को महत्व दिया है।

वर्ष 2017 के मुकाबले चार गुना हुआ मानदेय

वर्ष 2017 में कार्यकर्ताओं को तीन हजार रुपये और सहायिकाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था। अब कार्यकर्ताओं को 12 हजार और सहायिकाओं को छह हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। इस तरह वर्ष 2017 के मुकाबले दोनों श्रेणियों के मानदेय में चार गुना वृद्धि हुई है। मानदेय बढ़ने से आंगनवाड़ी कर्मियों को परिवार की जरूरतें पूरी करने और आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

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