पारदर्शी भर्ती से मिली खाकी वर्दी, नियुक्ति पत्र पाकर खिले युवाओं के चेहरे
नवचयनित उपनिरीक्षकों ने प्रक्रिया को बताया निष्पक्ष, बोले- नौकरी के लिए नहीं देनी पड़ी रिश्वत; सात साल की मेहनत के बाद प्रशांत का सपना हुआ पूरा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस को शुक्रवार को 4,543 नए उपनिरीक्षक मिले। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। नियुक्ति पत्र हाथ में आते ही युवाओं के चेहरे खुशी से खिल उठे।

नवचयनित उपनिरीक्षकों ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बताते हुए कहा कि आवेदन शुल्क के अलावा उन्हें किसी को कोई अतिरिक्त रकम नहीं देनी पड़ी। चयनित अभ्यर्थियों ने इसे अपनी मेहनत और योग्यता का परिणाम बताया।
सात साल की मेहनत लाई रंग, प्रशांत का सपना हुआ पूरा
बदायूं निवासी प्रशांत कुमार का चयन उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस के पद पर हुआ है। उन्होंने बताया कि वह पिछले सात वर्षों से इस परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। इस बार उनकी मेहनत सफल हुई। प्रशांत ने कहा कि पहले भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं की शिकायतें सुनने को मिलती थीं, लेकिन इस बार चयन प्रक्रिया पारदर्शी रही।

वहीं, उपनिरीक्षक पद पर चयनित सुमित शर्मा ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2022 से तैयारी शुरू की थी। पूरी भर्ती प्रक्रिया कम समय में संपन्न हुई। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा में रहते हुए किसी के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।
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शिवी शर्मा ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया का अनुभव बेहद अच्छा रहा। करीब एक साल की तैयारी के बाद उन्हें सफलता मिली है। दीपावली से पहले धनतेरस के दिन नियुक्ति पत्र मिलना उनके लिए महालक्ष्मी के आशीर्वाद जैसा है।

उन्होंने कहा कि जब चयन के लिए किसी को रिश्वत नहीं देनी पड़ी, तो नौकरी में भी पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी से काम करेंगी। गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
सेना से सेवानिवृत्त उदयवीर बने उपनिरीक्षक
बरेली निवासी उदयवीर सिंह कठेरिया सेना से सेवानिवृत्त हैं। उनका चयन भी उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस के पद पर हुआ है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के कारण उन्हें यह अवसर मिला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी हो रही है।

मुजफ्फरनगर निवासी अंशु चौधरी ने भी भर्ती प्रक्रिया की सराहना करते हुए कहा कि महज एक साल में पूरी प्रक्रिया संपन्न होना युवाओं के लिए बड़ी बात है।

उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान मिली सीख को व्यवहार में उतारते हुए पूरी ईमानदारी से जिम्मेदारी निभाने का संकल्प जताया।
बचपन से था पुलिस सेवा का सपना, अब गरीबों को न्याय दिलाना लक्ष्य
बरेली निवासी राजा बाबू ने बताया कि आवेदन के लिए निर्धारित शुल्क के अलावा उन्हें किसी भी स्तर पर अतिरिक्त पैसा खर्च नहीं करना पड़ा।

बचपन से ही पुलिस विभाग में सेवा करने का सपना था, जो अब पूरा हो गया है। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता गरीब, शोषित और वंचित लोगों को न्याय दिलाना होगी।


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