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20 साल से राम नाम लिख रही कलम, अब 2027 में भाजपा की जीत के लिए प्रार्थना
संत तुलसीदास घाट पर साधनारत हैं बलिया के 60 वर्षीय विनोद मिश्रा, राम मंदिर निर्माण की कामना से शुरू किया था लेखन
अयोध्या। कागज पर उतरते राम नाम के अनगिनत अक्षर और मन में अटूट आस्था। संत तुलसीदास घाट पर बैठे 60 वर्षीय रामभक्त विनोद मिश्रा की साधना पिछले 20 वर्षों से लगातार जारी है। मूल रूप से बलिया के रहने वाले विनोद मिश्रा ने भव्य राम मंदिर निर्माण की कामना के साथ राम नाम लिखना शुरू किया था। दो दशक बाद उनकी यह मनोकामना साकार हुई और अयोध्या में रामलला का भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ। हालांकि, मंदिर निर्माण के बाद भी उनकी कलम नहीं थमी। अब वह राम नाम के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम भी लिख रहे हैं। उनकी वर्तमान प्रार्थना है कि वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में फिर भाजपा की सरकार बने, ताकि अयोध्या का विकास निरंतर जारी रहे।
राम मंदिर निर्माण की कामना से शुरू हुई साधना
विनोद मिश्रा की राम नाम लेखन यात्रा उस दौर में शुरू हुई, जब अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण रामभक्तों की प्रमुख आकांक्षा थी। उन्होंने भगवान श्रीराम के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हुए नियमित रूप से राम नाम लिखना शुरू किया और मंदिर निर्माण की प्रार्थना करने लगे। करीब दो दशक तक चली इस साधना के दौरान राम मंदिर का निर्माण हुआ और रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हुए। जिस मंदिर के निर्माण की कामना लेकर उन्होंने कलम उठाई थी, उसे अपनी आंखों के सामने साकार होते देखना उनके लिए भावुक और संतोष का क्षण रहा। इसके बावजूद राम नाम लेखन का उनका क्रम जारी है।
अब राम नाम के साथ भाजपा की जीत की कामना
विनोद मिश्रा की वर्तमान साधना में अब एक नई कामना भी जुड़ गई है। वह राम नाम के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लिखते हुए वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। उनका कहना है कि भाजपा की डबल इंजन सरकार के प्रयासों से अयोध्या में अभूतपूर्व विकास हुआ है। आज देश के कोने-कोने से श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। अयोध्या को मिली नई पहचान और यहां हुए विकास कार्यों को वह सरकार के प्रयासों का परिणाम मानते हैं। इसी विकास क्रम को जारी रखने की कामना के साथ उनकी कलम आज भी राम नाम लिखने में जुटी है।


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