यूपीएसएसएससी ने जारी किए भर्ती प्रक्रिया से जुड़े परिणाम, 76 बीसीजी तकनीशियन अभ्यर्थी अभिलेख परीक्षण के लिए अर्ह
कनिष्ठ विश्लेषक (खाद्य) के उत्कृष्ट खिलाड़ी वर्ग की अनुपूरक सूची में आठ अभ्यर्थी शामिल, 13 नवंबर को होगा दस्तावेजों का सत्यापन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा निदेशालय और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अंतर्गत चल रही भर्ती प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाते हुए महत्वपूर्ण परिणाम और सूचनाएं जारी की हैं। आयोग ने बीसीजी तकनीशियन मुख्य परीक्षा के आधार पर 76 अभ्यर्थियों को अभिलेख परीक्षण के लिए अर्ह घोषित किया है। वहीं, कनिष्ठ विश्लेषक (खाद्य) के उत्कृष्ट खिलाड़ी वर्ग में आठ अभ्यर्थियों की अनुपूरक सूची जारी की गई है।
बीसीजी तकनीशियन के अभ्यर्थी 20 नवंबर तक अपलोड करें दस्तावेज
आयोग के अनुसार, बीसीजी तकनीशियन मुख्य परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर 76 अभ्यर्थियों को अभिलेख परीक्षण के लिए पात्र पाया गया है। इनका परिणाम छह नवंबर 2026 को आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है। अभ्यर्थी छह से 20 नवंबर तक आयोग के निर्धारित पोर्टल पर अपने शैक्षिक, आरक्षण और अन्य जरूरी प्रमाण-पत्र ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे। दस्तावेज जमा करने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है।
कनिष्ठ विश्लेषक के आठ अभ्यर्थियों की अनुपूरक सूची
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग में कनिष्ठ विश्लेषक (खाद्य) के पदों पर भर्ती के तहत उत्कृष्ट खिलाड़ी श्रेणी के आठ अभ्यर्थियों की अनुपूरक सूची जारी की गई है। इस श्रेणी में विज्ञापित पदों के सापेक्ष अभ्यर्थियों की अनुपलब्धता को देखते हुए आयोग ने लिखित परीक्षा के अंकों और मेरिट के आधार पर सूची तैयार की है। इसके साथ ही पुनरीक्षित कट-ऑफ अंक 7.25 निर्धारित किए गए हैं।
सूची में शामिल अभ्यर्थियों का अभिलेख परीक्षण 13 नवंबर 2026 को दोपहर एक बजे आयोग कार्यालय, पिकप भवन, गोमतीनगर, लखनऊ में होगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि अभिलेख परीक्षण के लिए अर्ह घोषित होने का अर्थ अंतिम चयन नहीं है। संबंधित प्रमाण-पत्रों की जांच और निर्धारित मानकों के अनुसार पात्रता सुनिश्चित होने के बाद ही अंतिम चयन की प्रक्रिया पूरी होगी।
प्रदेश में भर्ती प्रक्रियाओं को निर्धारित नियमों के तहत पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इन भर्तियों के पूरा होने से स्वास्थ्य सेवाओं और खाद्य सुरक्षा प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण विभागों में मानव संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।


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