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मरीजों और तीमारदारों की निःस्वार्थ सेवा करने वाले अस्पतालकर्मी सम्मानित
मानव सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा : मानवेन्द्र सिंह; मुसीबत में मदद करना ही सच्चा धर्म : स्वतंत्र देव सिंह
लखनऊ। मरीजों और उनके तीमारदारों की परेशानियों को कम करने के लिए निःस्वार्थ भाव से सेवाएं देने वाले विभिन्न सरकारी अस्पतालों के कर्मचारियों को धन्वन्तरि सेवा न्यास की ओर से सम्मानित किया गया। तेलीबाग स्थित परिकल्प भवन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति मानवेन्द्र सिंह मुख्य अतिथि रहे, जबकि कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
इस अवसर पर मानवेन्द्र सिंह ने कहा कि मानव सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा है। आज जब लोग तेजी से आत्मकेंद्रित होते जा रहे हैं, ऐसे में अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों की परेशानियां कम करने के लिए निःस्वार्थ भाव से जुटे कर्मचारी सम्मान के वास्तविक हकदार हैं।
कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि बीमारी किसी भी परिवार के लिए कठिन समय लेकर आती है। मरीज के साथ उसके तीमारदार भी इस दौरान मानसिक और शारीरिक संघर्ष से गुजरते हैं। ऐसे समय में जो व्यक्ति बिना किसी स्वार्थ के मदद के लिए आगे आता है, वह वास्तव में देवतुल्य होता है। उन्होंने निःस्वार्थ सेवा को सच्चा धर्म बताया।
कार्यक्रम में किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू), डॉ. राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, बलरामपुर चिकित्सालय, लोकबंधु राजनारायण संयुक्त चिकित्सालय, रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त चिकित्सालय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल, हजरतगंज के कर्मचारियों को उनकी सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।
इस दौरान धन्वन्तरि सेवा न्यास के अध्यक्ष प्रो. डॉ. सूर्यकान्त त्रिपाठी, सचिव प्रो. डॉ. नीरज मिश्रा, कोषाध्यक्ष लक्षित जोशी, कार्यक्रम संयोजक संतोष पटेल सहित अवध प्रांत के पदाधिकारी मौजूद रहे।


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