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जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की मासिक समीक्षा बैठक
आयुष्मान आरोग्य मंदिर, मातृ-शिशु स्वास्थ्य एवं जननी सुरक्षा कार्यक्रमों की गहन समीक्षा, खराब प्रगति वाले संकेतकों में तत्काल सुधार के निर्देश
भदोही, :– जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की मासिक समीक्षा एवं आयुष विभाग की बैठक जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए खराब प्रगति वाले इंडीकेटर्स पर विशेष ध्यान देने तथा संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। जननी सुरक्षा अभियान में भुगतान की प्रगति कम होने पर एमओआईसी पर नाराजगी जताई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया की टीम भावना के साथ स्वास्थ्य सम्बंधित कार्यक्रमों में बेहतर कार्य कराये।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जनपदवासियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी एमओआईसी को निर्देशित किया कि जिन इंडीकेटर्स में अपेक्षित प्रगति नहीं है, उनकी नियमित मॉनिटरिंग करते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित कराएं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में लापरवाही अथवा उदासीनता किसी भी दशा में स्वीकार नहीं की जाएगी। जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने समस्त एमओआईसी को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जननी सुरक्षा योजना की प्रगति में तत्काल सुधार लाया जाए। उन्होंने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए आशा एवं एएनएम के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को प्रेरित करने तथा उन्हें सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि स्वास्थ्य विभाग के सभी एमओआईसी, आशा एवं एएनएम के साथ साप्ताहिक बैठक कर योजनाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं की सघन समीक्षा करें। उन्होंने मातृ मृत्यु दर से संबंधित आंकड़ों एवं डेटा को पूरी पारदर्शिता और शुद्धता के साथ प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंकड़ों में किसी प्रकार की विसंगति नहीं होनी चाहिए तथा वास्तविक स्थिति के आधार पर ही रिपोर्टिंग की जाए। उन्होंने सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के इंफ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा करते हुए खराब स्थिति वाले भवनों एवं अन्य व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। सभी पीएचसी एवं सीएचसी में ड्यूटी रूम सहित प्रत्येक स्थान पर बेहतर साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही सभी चिकित्सालयों में बायो-मेडिकल वेस्ट का नियमानुसार एवं सुरक्षित ढंग से निस्तारण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने क्वालिटी एश्योरेंस कार्यक्रम के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में लैब स्लैब एवं बेसिन की उपलब्धता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत चिकित्सकों की उपस्थिति की नियमित जांच करने तथा उनके कार्य एवं दक्षता का सतत मूल्यांकन करने के निर्देश दिए। उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में व्यक्तिगत एवं टीम बेस्ड इंटेंसिवनेस बढ़ाते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने पर बल दिया।
जिलाधिकारी ने बैठक की कार्यवाही को लेकर भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैठक में जिन बिंदुओं पर चर्चा एवं समीक्षा की गई है, उनकी कार्यवृत्ति एवं अनुपालन आख्या अगले दिन तक अनिवार्य रूप से उनके समक्ष प्रस्तुत की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि दिए गए निर्देशों के अनुपालन में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए और निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का वास्तविक लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं एवं आमजन को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभागीय अधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को टीम भावना के साथ कार्य करना होगा।
संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा की जिन विभागों की प्रगति लक्ष्य के सापेक्ष कम है वें शत प्रतिशत कराये। साथ ही अभियान को दृस्टिगत रखते हुए। आगामी 15 दिन के लिए और विस्तारित करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियो को आपसी समनवय के साथ समय बध्य ढंग से पूर्ण कराये।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविन्द शुक्ला, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ओ.पी. शुक्ला, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, जिला अस्पतालों के सीएमएस, सभी एसीएमओ, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारीगण तथा समस्त एमओआईसी उपस्थित रहे।


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