पाकुड़िया के सरकारी शौचालयों में अव्यवस्था से लोगों में नाराजगी, महिलाओं को हो रही है परेशानी

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पाकुड़िया, पाकुड़, झारखंड:- 
 
स्वच्छता मानव जीवन का एक अत्यंत आवश्यक पहलू है। इसकी महत्ता को देखते हुए केंद्र एवं राज्य सरकारें स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जनहित में बड़ी राशि खर्च कर रही हैं। स्वच्छता अभियान का एक महत्वपूर्ण अंग सार्वजनिक शौचालय भी है। विशेषकर महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में भी शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। इसके बावजूद सरकारी शौचालयों का समुचित उपयोग नहीं हो पाना व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।
 
पाकुड़िया प्रखंड मुख्यालय स्थित अस्थायी बस स्टैंड परिसर में लोगों, विशेषकर महिलाओं की सुविधा के लिए दो सरकारी शौचालयों का निर्माण कराया गया है। इनमें से एक का निर्माण महेशपुर विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी के सौजन्य से कराया गया है। इसके अलावा तीसरा सरकारी शौचालय डाक बंगला परिसर में निर्मित है।
 
हैरानी की बात यह है कि बस स्टैंड परिसर के दोनों तथा डाक बंगला परिसर के शौचालयों में साफ-सफाई और पानी की समुचित व्यवस्था नहीं रहने के कारण लोग इनका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। इससे विशेष रूप से प्रखंड के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से बस पकड़ने पहुंचने वाली महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस अव्यवस्था को लेकर महिलाओं में गहरी नाराजगी देखी जा रही है।
 
बस से यात्रा करने वाले ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि शौचालयों में पर्याप्त पानी एवं साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं होने से महिलाओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। 30 अक्टूबर को भी बस स्टैंड परिसर में मौजूद लोगों ने मीडिया को बताया कि विधायक मद से निर्मित शौचालय के मुख्य द्वार पर ताला लगा हुआ है। साथ ही शौचालय के अंदर अनावश्यक सामान रखे जाने के कारण उसका उपयोग नहीं हो पा रहा है।
 
स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से सभी सरकारी शौचालयों की नियमित साफ-सफाई, पानी की व्यवस्था तथा बंद पड़े शौचालयों को अविलंब चालू कराने की मांग की है।
 
इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी सोमनाथ बनर्जी से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मामले का स्थलीय निरीक्षण कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
 

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