नशीले इंजेक्शन से बेहोश कर अरबों की संपत्ति हड़पने की साजिश! सिंहानिया परिवार के युवक को दो साल बंधक रखने का आरोप, तीन गिरफ्तार

कानपुर में बिल्डरों पर गंभीर आरोप, एक आरोपी फरार; होटल संचालकों की भूमिका भी जांच के घेरे में

हर्षिता यादव  Picture
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जितेन्द्र सिंह 
 
कानपुर। औद्योगिक नगरी कानपुर में संपत्ति हड़पने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रतिष्ठित सिंहानिया परिवार के युवक प्रणवपत सिंहानिया को कथित तौर पर नशीला पदार्थ देकर संपत्ति के एग्रीमेंट और बैनामे पर हस्ताक्षर कराने तथा लंबे समय तक बंधक बनाकर रखने का आरोप लगा है। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि एक बिल्डर के फरार होने और अन्य लोगों की भूमिका की जांच किए जाने की बात सामने आई है। प्रकरण ने शहर के रियल एस्टेट कारोबार और संपत्ति के दस्तावेजों की वैधता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
 
पुलिस उपायुक्त सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव के मुताबिक, स्वरूप नगर थाना क्षेत्र में सूचना मिलने के बाद अभियोग पंजीकृत कर विवेचना शुरू की गई थी। उपलब्ध तथ्यों के आधार पर तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब तकनीकी और अन्य साक्ष्य जुटा रही है। विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
 
मीडिया रिपोर्टों में दर्ज विवरण के अनुसार, प्रणवपत सिंहानिया ने बिल्डर अनूप अस्थाना, उसके बेटे सुयश, बिल्डर बृजेंद्र नाथ मिश्रा और श्रीराम मिश्रा समेत अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत की थी। आरोप है कि वर्ष 2020 से सुयश के साथ उनकी दोस्ती थी। मई 2024 में बेनाझाबर जल संस्थान के बाहर मुलाकात के दौरान उन्हें कथित तौर पर नशीला पदार्थ दिया गया। इसके बाद उन्हें स्वरूपनगर स्थित कार्यालय ले जाकर संपत्ति से संबंधित कागजात पर हस्ताक्षर कराए जाने का आरोप है।
 
शिकायत के मुताबिक, नशे की हालत का फायदा उठाकर संपत्ति की रजिस्ट्री कराई गई। पीड़ित को लंबे समय तक बंधक बनाकर रखने का आरोप भी लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए होनी बाकी है।
 
मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू संपत्ति की रजिस्ट्री की कथित प्रक्रिया है। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने रात करीब दस बजे रजिस्ट्रार को कार्यालय बुलाकर रजिस्ट्री कराई। पुलिस इस पहलू सहित संपत्ति के दस्तावेजों, संबंधित व्यक्तियों और कथित घटनाक्रम की जांच कर रही है।
 
पुलिस के अनुसार, मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और उन्हें जेल भेज दिया गया है। मीडिया रिपोर्टों में एक बिल्डर के फरार होने का उल्लेख है। होटल संचालकों सहित अन्य लोगों की संभावित भूमिका की भी जांच किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि तकनीकी और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं तथा आगे की कार्रवाई विवेचना के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
 
यह मामला केवल संपत्ति के कथित हस्तांतरण तक सीमित नहीं है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप साक्ष्यों से प्रमाणित होते हैं, तो इसमें नशीला पदार्थ देकर धोखाधड़ी करने, अवैध रूप से बंधक बनाने और संपत्ति के दस्तावेजों के दुरुपयोग जैसे गंभीर कानूनी प्रश्न उठेंगे। फिलहाल, आरोपों की अंतिम सच्चाई जांच और न्यायालय की प्रक्रिया से ही तय होगी।

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