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वन्दे मातरम् के ऐतिहासिक एवं राष्ट्रीय महत्व पर संगोष्ठी आयोजित
चुनार, मीरजापुर।
संवाददाता अनिल मिश्रा
मी रजापुर।स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विश्राम सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय चुनार में आज मंगलवार को समाजशास्त्र विभाग,आंतरिक गुणवत्ता परिषद एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में ‘वन्दे मातरम्’ के ऐतिहासिक,सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय महत्व पर "वन्दे मातरम् के 150 वर्ष: भारतीय राष्ट्रीय चेतना,स्वतंत्रता आंदोलन एवं समकालीन भारत में इसकी प्रासंगिकता" विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
Read More मेडिकल कॉलेजों में छात्रों की शिकायतों का होगा समयबद्ध निस्तारण, लागू होगी तीन-स्तरीय व्यवस्थाकार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी प्राचार्य, प्राध्यापकगण एवं छात्र-छात्राओं द्वारा सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ के गायन के साथ हुआ। सामूहिक गायन से महाविद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति एवं राष्ट्रीय चेतना के भाव से गुंजायमान हो उठा।संगोष्ठी के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के गौरवशाली इतिहास,राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विरासत एवं राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों के निर्वहन का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य प्रोफेसर डॉ।कुसुमलता ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि वन्दे मातरम् भारतीय राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक गौरव एवं देशभक्ति का प्रतीक है। यह गीत स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भारतीयों के लिए प्रेरणा का महत्वपूर्ण स्रोत रहा है।संगोष्ठी के मुख्य वक्ता इतिहास विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ विनोद यादव ने वन्दे मातरम् की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि,स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका तथा राष्ट्रीय एकता के निर्माण में इसके योगदान पर विस्तारपूर्वक चर्चा की।उन्होंने कहा कि वन्दे मातरम् ने स्वतंत्रता
सेनानियों में त्याग, समर्पण, साहस और राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।कार्यक्रम का संचालन संयोजक डॉ दीप नारायण, विषय प्रवर्तन डॉ दीपक कुमार सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ नलिनी सिंह ने किया। इस अवसर पर डॉ शैलेन्द्र कुमार,डॉ शिव कुमार, डॉ रीता मिश्रा सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण,कर्मचारीगण एवं लगभग 140 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


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