नवीनतम
फीचर्ड
राजनीति
भारत
मेडिकल कॉलेजों में छात्रों की शिकायतों का होगा समयबद्ध निस्तारण, लागू होगी तीन-स्तरीय व्यवस्था
हर संस्थान में नामित होंगे स्टूडेंट वेलफेयर नोडल अधिकारी, शिकायत पेटिका के जरिए विद्यार्थी दर्ज करा सकेंगे समस्याएं
लखनऊ। प्रदेश के राजकीय और स्वशासी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की समस्याओं के समाधान के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने नई पहल की है। अब विद्यार्थियों की शैक्षणिक, प्रशासनिक और छात्रावास सहित अन्य समस्याओं के निस्तारण के लिए तीन-स्तरीय शिकायत निवारण व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसका उद्देश्य मेडिकल कॉलेजों में सुरक्षित, पारदर्शी और छात्र हितों के अनुकूल शैक्षणिक माहौल तैयार करना है।
महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण नेहा शर्मा की पहल पर शुरू की गई स्टूडेंट ग्रीवांस एंड वेलफेयर व्यवस्था के तहत प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में स्टूडेंट वेलफेयर नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा। यह अधिकारी विद्यार्थियों की शिकायतें और सुझाव प्राप्त कर उनके समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा। विभाग की इस पहल से छात्रों को अपनी समस्याएं संस्थान के समक्ष रखने के लिए एक व्यवस्थित मंच उपलब्ध होगा।
शिकायत पेटिका में दर्ज करा सकेंगे समस्याएं
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक मेडिकल कॉलेज के शिक्षण एवं शैक्षणिक परिसर में स्टूडेंट ग्रीवांस/वॉयस बॉक्स लगाया जाएगा। विद्यार्थी पढ़ाई, प्रशासनिक कार्यों, छात्रावास, बुनियादी सुविधाओं, सुरक्षा और अन्य कल्याणकारी विषयों से जुड़ी शिकायतें लिखित रूप में इसमें डाल सकेंगे।
नामित नोडल अधिकारी प्रतिदिन शिकायत पेटिका खोलेंगे और प्राप्त शिकायतों को निर्धारित रजिस्टर में दर्ज करेंगे। इसके बाद संबंधित विभाग के माध्यम से समस्या के समाधान की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इससे विद्यार्थियों को अपनी बात रखने के लिए सुलभ और संस्थागत माध्यम मिलेगा।
तीन स्तरों पर निस्तारण की व्यवस्था
शिकायतों के समाधान के लिए तीन स्तर निर्धारित किए गए हैं। पहले चरण में स्टूडेंट वेलफेयर नोडल अधिकारी शिकायत प्राप्त कर उसके निस्तारण की प्रक्रिया शुरू करेंगे। यदि यहां समस्या का समाधान नहीं हो पाता है तो विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य के समक्ष अपनी शिकायत रख सकेंगे।
प्रधानाचार्य स्तर पर भी समाधान नहीं मिलने पर विद्यार्थी महानिदेशालय, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण (डीजीएमई) के स्टूडेंट सेल में शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इस तरह कॉलेज स्तर से लेकर महानिदेशालय तक शिकायतों की सुनवाई और निगरानी का तंत्र तैयार किया जाएगा।
पारदर्शिता के साथ बढ़ेगी जवाबदेही
चिकित्सा शिक्षा विभाग की इस पहल से विद्यार्थियों की समस्याओं को संस्थागत स्तर पर सुनने और उनका समाधान करने की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी। शिकायतों का रिकॉर्ड रखने, नियमित समीक्षा और फीडबैक की व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही विद्यार्थियों को यह स्पष्ट रहेगा कि समस्या का समाधान न होने पर वे किस अगले स्तर पर अपनी शिकायत पहुंचा सकते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ विद्यार्थियों के लिए बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


Comments