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योगी सरकार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष जोर: परिषदीय विद्यालयों में 17 से 21 नवंबर तक होंगी अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं
कक्षा एक से आठ तक की परीक्षा का कार्यक्रम जारी, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और समयबद्ध परिणाम पर रहेगा जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं 17 से 21 नवंबर तक आयोजित की जाएंगी। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज ने कक्षा एक से आठ तक की परीक्षाओं को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश के सभी परिषदीय और मान्यता प्राप्त प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में परीक्षाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कराई जाएंगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर में सुधार पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में बेसिक शिक्षा परिषद ने परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। परिषद के सचिव सुरेंद्र तिवारी ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को प्रश्नपत्रों की तैयारी, मुद्रण और सुरक्षित वितरण की व्यवस्था समय से सुनिश्चित करने को कहा है।
कक्षावार निर्धारित किया गया परीक्षा का स्वरूप
परीक्षाओं में विद्यार्थियों की आयु और शैक्षिक स्तर को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग व्यवस्था की गई है। कक्षा एक के विद्यार्थियों की परीक्षा मौखिक माध्यम से होगी। कक्षा दो और तीन में लिखित व मौखिक दोनों प्रकार की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। कक्षा चार और पांच के विद्यार्थियों का भी लिखित एवं मौखिक माध्यम से आकलन किया जाएगा। वहीं, कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों की परीक्षाएं लिखित रूप में होंगी।
उच्च प्राथमिक कक्षाओं में हिंदी, गणित, अंग्रेजी, संस्कृत अथवा उर्दू, सामाजिक विषय, विज्ञान, पर्यावरण अध्ययन तथा कला एवं संगीत सहित निर्धारित विषयों के आधार पर परीक्षा कराई जाएगी।
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परिषद के निर्देशों के अनुसार, अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के लिए मॉडल प्रश्नपत्र जनपद स्तर पर विशेषज्ञ शिक्षकों और अधिकारियों की देखरेख में तैयार किए जाएंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को प्रश्नपत्रों का समय से मुद्रण कराने और उन्हें संकुल व विद्यालय स्तर तक सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
समय से मूल्यांकन और परिणाम घोषित करने पर जोर
परीक्षाएं संपन्न होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं का निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन कराया जाएगा। परिषद ने मूल्यांकन कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने और विद्यार्थियों के परिणाम समय से घोषित करने के निर्देश दिए हैं। परिणाम अभिभावकों के साथ भी साझा किए जाएंगे, ताकि बच्चों की शैक्षिक कमजोरियों की पहचान कर उनके लिए उपचारात्मक शिक्षण की व्यवस्था की जा सके।
सचिव सुरेंद्र तिवारी के अनुसार, सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन कराने, प्रश्नपत्रों का सुरक्षित वितरण सुनिश्चित करने और मूल्यांकन कार्य समय से पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।


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