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फिर से हमें पटेल चाहिए, आतंकियों पर नकेल चाहिए... कवियों ने रचनाओं से जगाई राष्ट्रभक्ति की अलख
सरदार पटेल जयंती पर सोनभद्र बार एसोसिएशन सभागार में सजी काव्य संध्या, कवियों ने देशभक्ति, सामाजिक सरोकार और राजनीति पर किया काव्य पाठ
संवाददाता
सोनभद्र। लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर शनिवार को शहीद स्थल करारी एवं सोनभद्र बार एसोसिएशन साहित्य प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में कचहरी स्थित बार सभागार में काव्य संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि ईश्वर विरागी ने की। इस दौरान अतिथियों ने मां सरस्वती और सरदार पटेल के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
आयोजक प्रद्युम्न त्रिपाठी ने वाणी वंदना के बाद अपनी रचना 'फिर से हमें पटेल चाहिए, आतंकियों पर नकेल चाहिए, राष्ट्र की अखंडता रहे सुरक्षित, अपराधियों को जेल चाहिए' सुनाकर देशभक्ति का जोश भर दिया।
कवयित्री कौशल्या कुमारी चौहान ने प्रेम और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित रचना सुनाई। धर्मेश चौहान एडवोकेट ने 'देश से कुछ भी बड़ा नहीं इंसान के लिए, तन-मन हमारा अर्पित हिंदुस्तान के लिए' सुनाकर वाहवाही बटोरी। प्रभात सिंह चंदेल ने महंगाई और चीन की घुसपैठ पर व्यंग्यात्मक रचना प्रस्तुत की।
संचालक अशोक तिवारी, दिवाकर द्विवेदी मेघ, दिलीप सिंह दीपक, विवेक चतुर्वेदी, मदन चौबे, विनोद कुमार सिंह, दयानंद दयालू, सुधाकर स्वदेशप्रेम, राकेश शरण मिश्र, प्रेमी बौद्ध एवं अजय चतुर्वेदी कक्का ने भी अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भावविभोर किया।
गायक सुशील मिश्रा ने सरदार पटेल को समर्पित गीत प्रस्तुत कर माहौल को देशभक्तिमय बना दिया। अध्यक्षीय काव्य पाठ में ईश्वर विरागी ने 'थाम लेंगे वक्त को चलने न देंगे, ऐ हिंद! हम तुझको कभी झुकने न देंगे' सुनाकर खूब सराहना प्राप्त की।
कार्यक्रम के अंत में ऋषभ त्रिपाठी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संदीप कुमार शुक्ल, जयशंकर त्रिपाठी, देवानंद पांडेय, गोपाल बंगाली, त्रिपुरारी मिश्रा, प्रदीप कुमार सिंह, ठाकुर कुशवाहा, फारुख अली हाश्मी, गुलाम हुसैन, हर्ष चौहान, राधा प्रसाद चौहान एवं अजीत शुक्ल सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।


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