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सरस मेले में दिखेगी सोनभद्र की ग्रामीण महिलाओं के हुनर और उद्यमिता की ताकत
चार नवंबर से डायट परिसर में शुरू होगा तीन दिवसीय मेला, 40 स्टॉलों पर मिलेंगे बकरी के दूध के साबुन से लेकर श्रीअन्न और पंचगव्य के उत्पाद
संवाददाता
सोनभद्र। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के सहयोग से चार नवंबर से राबर्ट्सगंज स्थित डायट परिसर में तीन दिवसीय सरस मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के 40 स्टॉल लगाए जाएंगे। दीपावली के अवसर पर आयोजित इस मेले से महिला उद्यमियों को अच्छी आमदनी के साथ अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार का अवसर मिलेगा।
मेले में सोन अर्थ ब्रांड के उत्पाद, बकरी के दूध से तैयार साबुन, श्रीअन्न आधारित खाद्य सामग्री, फूल एवं इलेक्ट्रॉनिक झालर, पंचगव्य से निर्मित लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, दीपक, धूपबत्ती और बांस से बने आकर्षक उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे। स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक हुनर से तैयार उत्पाद मेले का प्रमुख आकर्षण होंगे।
एनआरएलएम के उपायुक्त रवींद्र वीर ने बताया कि सरस मेले का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को उत्पादों की बिक्री के साथ नए ग्राहक जोड़ने और बाजार में अपनी पहचान बनाने का अवसर देना है। महिलाएं स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर विभिन्न गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार कर रही हैं। मेले के माध्यम से उन्हें अपने उत्पादों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का मंच मिलेगा।
उन्होंने कहा कि महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। सरकार की मंशा ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।


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