पांच लाख फर्जी ई-मेल आईडी के नेटवर्क का खुलासा, कानपुर से आरोपी गिरफ्तार

यूपी एटीएस की जांच में पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत कई देशों के लोगों से संपर्क के संकेत; स्कूलों, अभिनेता के घर और दिलजीत दोसांझ के कार्यक्रम को मिली थी बम से उड़ाने की धमकी

हर्षिता यादव  Picture
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लखनऊ। स्कूलों, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और चर्चित हस्तियों को बम से उड़ाने की धमकियां देने में इस्तेमाल किए गए फर्जी ई-मेल नेटवर्क की जांच में उत्तर प्रदेश एटीएस को बड़ी सफलता मिली है। एटीएस ने कानपुर नगर निवासी 24 वर्षीय अंकित शंखवार को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी फर्जी ई-मेल आईडी तैयार कर उन्हें विदेशों में बैठे लोगों को बेचता था और बदले में क्रिप्टोकरेंसी के जरिए भुगतान लेता था। आरोपी के पास से मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किए गए हैं। लैपटॉप में करीब पांच लाख ई-मेल आईडी से जुड़ा डेटा मिलने की बात सामने आई है।

एटीएस के अनुसार, इन फर्जी ई-मेल आईडी का इस्तेमाल नोएडा, दिल्ली-एनसीआर, गुरुग्राम और मुंबई में बम धमाके की धमकियां भेजने के मामलों में हुआ था। धमकियों में पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ के दिल्ली-एनसीआर में प्रस्तावित कार्यक्रम और एक चर्चित बॉलीवुड अभिनेता के घर को निशाना बनाने की बात भी शामिल थी। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन धमकियों के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे और फर्जी आईडी का इस्तेमाल किन अन्य गतिविधियों में किया गया।

2021 से फर्जी ई-मेल आईडी बनाने का आरोप

यूपी एटीएस के मुताबिक, आरोपी वर्ष 2021 से फर्जी ई-मेल आईडी बनाने के काम में जुटा था। वह वाई-फाई और प्रॉक्सी नेटवर्क का इस्तेमाल कर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश करता था। इन आईडी को सोशल मीडिया मंच फेसबुक से जुड़े समूहों के माध्यम से बेचने की जानकारी सामने आई है।

पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच में पाकिस्तान, बांग्लादेश, तुर्किये, मिस्र समेत अन्य देशों में मौजूद लोगों और समूहों से संपर्क के संकेत मिले हैं। आरोपी के मोबाइल में विभिन्न देशों के नंबरों से जुड़े व्हाट्सऐप संपर्क और यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी के लेन-देन से संबंधित जानकारी भी मिलने का दावा किया गया है।

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छह हजार यूएसडीटी में आईडी देने का दावा

एटीएस के अनुसार, आरोपी ने बांग्लादेशी नागरिक अलामीन इस्लाम को फर्जी ई-मेल आईडी उपलब्ध कराई थी। इसके बदले उसे छह हजार यूएसडीटी का भुगतान मिलने की बात सामने आई है। जांच में बाइनेंस क्रिप्टो वॉलेट के माध्यम से लेन-देन किए जाने के साक्ष्य भी खंगाले जा रहे हैं। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फर्जी आईडी खरीदने वाले लोगों ने उनका इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया।

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कई बम धमकी मामलों से जुड़ी आईडी मिलने का दावा

जांच एजेंसी के मुताबिक, नोएडा, दिल्ली और गुरुग्राम के स्कूलों को धमकी भरे ई-मेल भेजने में इस्तेमाल की गई आईडी आरोपी के लैपटॉप और मोबाइल में मिली हैं। इन संदेशों में खालिस्तान नेशनल आर्मी और बब्बर खालसा का नाम लेकर धमकियां दी गई थीं। हालांकि, इन नामों का इस्तेमाल करने वालों और वास्तविक साजिश में शामिल लोगों की भूमिका की जांच जारी है।

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इसके अलावा, 23 अक्टूबर 2026 को मुंबई के मेयर कार्यालय को बम विस्फोट की धमकी भेजने के मामले में इस्तेमाल हुई एक अन्य ई-मेल आईडी भी आरोपी के पास मिलने की जानकारी दी गई है। 12 अक्टूबर को नोएडा के स्कूलों और अन्य स्थानों को भेजे गए धमकी भरे संदेशों से संबंधित आईडी की भी जांच की जा रही है।

लैपटॉप में पासवर्ड और सुरक्षा संबंधी जानकारी

एटीएस के अनुसार, बरामद लैपटॉप की एक्सेल फाइलों में करीब पांच लाख ई-मेल आईडी के साथ पासवर्ड, रिकवरी ई-मेल और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन से संबंधित जानकारियां दर्ज थीं। इस डेटा की जांच के जरिए नेटवर्क के अन्य सदस्यों, आईडी के खरीदारों और संभावित इस्तेमाल का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

इस मामले में लखनऊ स्थित एटीएस थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस कस्टडी रिमांड लेने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है। एटीएस अब डिजिटल साक्ष्यों, क्रिप्टो लेन-देन और विदेशों से संपर्कों की पड़ताल कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क की भूमिका स्पष्ट हो सके।

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