चार वर्ष से हलिया ब्लॉक में जमे एडीओ पंचायत, विभागीय कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
सचिवों से कथित साठगांठ और सफाईकर्मियों की मनमानी उपस्थिति की शिकायत, कार्रवाई कब?
मीरजापुर।
मीरजापुर। हलिया विकासखंड मुख्यालय पर एडीओ पंचायत के चार वर्ष से अधिक समय से तैनात रहने को लेकर विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। लंबे समय से एक ही ब्लॉक में तैनाती को लेकर ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं के बीच चर्चा है कि आखिर विभागीय अधिकारी इस मामले में कब संज्ञान लेंगे और शासन के नियमों के अनुरूप कार्रवाई कब होगी।
आरोप है कि हलिया ब्लॉक में पंचायत संबंधी कार्यों की निगरानी और व्यवस्था को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत सचिवों और संबंधित अधिकारियों के बीच कथित साठगांठ के चलते शिकायतों के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र जांच और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना अभी बाकी है।
घर बैठे हाजिरी लगाने का आरोप
ग्रामीणों की शिकायत है कि कुछ सफाईकर्मी नियमित रूप से कार्यस्थल पर उपस्थित नहीं होते, इसके बावजूद उनकी हाजिरी लगने और विभागीय स्तर पर कार्रवाई नहीं होने के आरोप सामने आ रहे हैं। यदि ये शिकायतें सही हैं, तो यह ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था और सरकारी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ऐसे मामलों में उपस्थिति रजिस्टर, निरीक्षण रिपोर्ट और संबंधित अभिलेखों की जांच आवश्यक है।
शिकायतों के बाद भी कार्रवाई पर सवाल
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध शिकायतें किए जाने के बाद भी प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं देती। ऐसे में सवाल उठता है कि पंचायत विभाग की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही किस स्तर पर तय की जा रही है।
विभागीय जांच की उठी मांग
लंबे समय से एक ही ब्लॉक में तैनाती, पंचायत सचिवों के कामकाज, सफाईकर्मियों की उपस्थिति और शिकायतों के निस्तारण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों को केवल कागजी रिपोर्ट पर निर्भर रहने के बजाय गांवों में पहुंचकर वास्तविक स्थिति का सत्यापन करना चाहिए।
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और पंचायत विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं।
क्या हलिया ब्लॉक में लंबे समय से तैनात एडीओ पंचायत की कार्यप्रणाली की जांच होगी? क्या सफाईकर्मियों की उपस्थिति और सचिवों के कामकाज का सत्यापन कराया जाएगा? इन सवालों पर विभाग का आधिकारिक पक्ष और जांच के बाद सामने आने वाले तथ्य महत्वपूर्ण होंगे।


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