जन्माष्टमी से पहले बाजारों में रौनक, ठाकुर जी की पोशाकों और मुकुट की बढ़ी मांग
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व नजदीक आते ही सहपऊ कस्बे के बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। मुख्य बाजार, गांधी बाजार और होली गेट बाजार समेत प्रमुख बाजारों में भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की पोशाकों से सजी दुकानें श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही हैं।
हाथरस। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व नजदीक आते ही सहपऊ कस्बे के बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। मुख्य बाजार, गांधी बाजार और होली गेट बाजार समेत प्रमुख बाजारों में भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की पोशाकों से सजी दुकानें श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही हैं। दुकानों पर ठाकुर जी के श्रृंगार के लिए तरह-तरह की पोशाक, मुकुट, बांसुरी, मोरपंख और अन्य सजावटी सामान उपलब्ध हैं।
जन्माष्टमी को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। लोग अपने घरों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियों में जुट गए हैं। बाजारों में महिलाएं ठाकुर जी के लिए मनपसंद पोशाक और श्रृंगार सामग्री की खरीदारी करती नजर आ रही हैं।
बच्चों को राधा-कृष्ण का रूप देने की तैयारी
जन्माष्टमी पर छोटे बच्चों को राधा-कृष्ण का रूप देने का भी खास चलन है। इसे देखते हुए अभिभावक बच्चों के लिए आकर्षक पोशाक, मुकुट और अन्य श्रृंगार सामग्री खरीदने बाजार पहुंच रहे हैं।
दुकानों पर अलग-अलग रंग, डिजाइन और आकार में श्रीकृष्ण व राधा रानी की पोशाकें उपलब्ध हैं। ग्राहक अपनी पसंद और बजट के अनुसार खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में भगवान श्रीकृष्ण के मुकुट, बांसुरी और मोरपंख की भी अच्छी मांग देखने को मिल रही है।
150 से 300 रुपये तक मिल रही पोशाक
दुकानदारों के अनुसार श्रीकृष्ण की पोशाकें करीब 150 से 250 रुपये तक की कीमत में उपलब्ध हैं। वहीं राधा रानी की पोशाकों की कीमत लगभग 200 से 300 रुपये तक है। इसके अलावा मुकुट, बांसुरी, मोरपंख और अन्य श्रृंगार सामग्री अलग-अलग कीमतों में मिल रही है।
पर्व की तारीख नजदीक आने के साथ बाजारों में खरीदारी और बढ़ने की उम्मीद है। दुकानदारों को भी जन्माष्टमी पर अच्छी बिक्री की उम्मीद है।
बाजारों में बढ़ी चहल-पहल
जन्माष्टमी को लेकर बाजारों में बढ़ती चहल-पहल से दुकानदारों में भी उत्साह है। रंग-बिरंगी पोशाकों और आकर्षक श्रृंगार सामग्री से सजी दुकानें लोगों का ध्यान खींच रही हैं।
श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को खास बनाने के लिए अपनी तैयारियों में जुटे हैं। घरों में सजावट से लेकर ठाकुर जी के श्रृंगार तक की तैयारियां तेज हो गई हैं। पर्व के करीब आते ही बाजारों में भीड़ और खरीदारी और बढ़ने की संभावना है।


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