लगातार भारी बारिश से धान-मक्का समेत फसलें प्रभावित, पैदावार पर संकट
जिलेभर में बारिश का असर, धान की फसल गिरने से किसानों की बढ़ी चिंता
स्वतंत्र प्रभात संवाददाता
गोण्डा। जिले में 24 सितम्बर से लगातार हो रही भारी बारिश और आंधी का व्यापक असर खेती-किसानी पर पड़ा है। खेतों में पानी भरने और तेज हवाओं के चलते धान, मक्का समेत कई फसलों को नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर धान की खड़ी फसल गिर गई है, जिससे पैदावार प्रभावित होने की आशंका से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
लगातार बारिश के कारण खेतों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। पकने की ओर बढ़ रही धान की फसल के गिरने से किसानों को उत्पादन में कमी के साथ-साथ फसल खराब होने की भी चिंता सता रही है। वहीं मक्का समेत अन्य फसलों पर भी बारिश और तेज हवाओं का असर देखा जा रहा है।
फसल क्षति की सूचना 72 घंटे में दें किसान
किसानों की परेशानी को देखते हुए कृषि विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमित धान और मक्का की फसल को प्राकृतिक आपदा से नुकसान होने पर किसान टोल-फ्री नंबर 14447 पर 72 घंटे के भीतर फसल क्षति की सूचना दर्ज करा सकते हैं।
सूचना दर्ज कराने के लिए किसान के पास मोबाइल नंबर, आधार नंबर, बैंक खाता संख्या और पॉलिसी संख्या होना आवश्यक है। विभाग ने किसानों से अपील की है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सूचना दर्ज कराएं, ताकि नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सके।
किसानों ने की उचित मुआवजे की मांग
लगातार बारिश से फसलों को हुए नुकसान के बाद किसानों ने प्रशासन से खेतों में फसल क्षति का सर्वे कराकर वास्तविक नुकसान का आकलन कराने तथा प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि बारिश और तेज हवाओं से तैयार होती फसल को नुकसान पहुंचा है। ऐसे में यदि जल्द पानी की निकासी नहीं हुई तो नुकसान और बढ़ सकता है।
कृषि विभाग के अनुसार, बीमित फसल की क्षति का आकलन योजना के प्रावधानों के तहत किया जाएगा और पात्र किसानों को संबंधित बीमा कंपनी द्वारा नियमानुसार क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जाएगा।


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