कांशीराम के नारों से गूंजा सपा कार्यालय, बोले हाजी फजल महमूद—‘जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी

मान्यवर कांशीराम जी की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के नगर कार्यालय, 7-नवीन मार्केट, परेड में विचार गोष्ठी एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

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कानपुर। मान्यवर कांशीराम जी की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के नगर कार्यालय, 7-नवीन मार्केट, परेड में विचार गोष्ठी एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा में कांशीराम जी के संघर्षों, सामाजिक न्याय की विचारधारा और वंचित वर्गों की राजनीतिक भागीदारी पर चर्चा हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता सपा महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद ने की, जबकि संचालन वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेंद्र यादव ‘मिंटू’ ने किया। कार्यक्रम के संयोजक लोहिया वाहिनी के अध्यक्ष दीपक खोटे रहे।
 
कार्यक्रम का शुभारंभ महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद ने मान्यवर कांशीराम जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। इसके बाद उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके संघर्षों को याद किया।
 
सभा को संबोधित करते हुए हाजी फजल महमूद ने कहा कि मान्यवर कांशीराम जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन के ऐसे अग्रदूत थे, जिन्होंने समाज के दबे-कुचले, दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों को अपने अधिकारों के लिए संगठित होने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि “जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी” का नारा आज भी सामाजिक न्याय और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की लड़ाई में वंचितों की सबसे बड़ी ताकत है।
 
उन्होंने कहा कि कांशीराम जी ने अपने संघर्षों के माध्यम से समाज के उन वर्गों में राजनीतिक चेतना जगाई, जिन्हें लंबे समय तक सत्ता और निर्णय प्रक्रिया से दूर रखा गया था। उनका नारा “वोट हमारा, राज तुम्हारा—नहीं चलेगा, नहीं चलेगा” लोगों को अपने मताधिकार की ताकत पहचानने और सत्ता में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का संदेश देता है।
 
हाजी फजल महमूद ने कहा कि कांशीराम जी ने बामसेफ और डीएस-4 जैसे संगठनों के माध्यम से सामाजिक चेतना और संगठनात्मक शक्ति को मजबूत किया। उन्होंने अपना जीवन समाज के सम्मान, अधिकार और बराबरी के लिए समर्पित कर दिया। आज भी उनके विचार सामाजिक न्याय की दिशा में संघर्ष करने वालों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
 
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, डॉ. राममनोहर लोहिया और मान्यवर कांशीराम की विचारधाराओं में सामाजिक समानता, सम्मान और अधिकारों की भावना प्रमुख है। इन महापुरुषों के विचारों को आत्मसात कर ही एक समतामूलक समाज का निर्माण किया जा सकता है।
 
विचार गोष्ठी का संचालन करते हुए वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेंद्र यादव ‘मिंटू’ ने कहा कि समाजवादी पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता पीडीए की एकता को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कांशीराम जी के विचारों को गली-मोहल्लों तक पहुंचाना और वंचित वर्गों को उनका उचित अधिकार एवं राजनीतिक हिस्सेदारी दिलाने के लिए संघर्ष करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
 
सभा में उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सामाजिक न्याय, समान अवसर और वंचित वर्गों के सम्मान की लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।

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