राजनीति
₹2.37 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी में भोपाल से तीन और अभियुक्त गिरफ्तार
सत्य सनातन ट्रस्ट के बैंक खाते से जुड़ा मामला, मुख्य अभियुक्त समेत अब तक आठ गिरफ्तार
राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट)
सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश
सत्य सनातन ट्रस्ट के नाम से पंजीकृत बैंक खाते से करीब 2.37 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी के मामले में सोनभद्र पुलिस ने मध्य प्रदेश के भोपाल से तीन और वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक हुंडई अमेज कार बरामद की है। इस मामले में मुख्य अभियुक्त समेत अब तक कुल आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना दुद्धी पुलिस और सर्विलांस टीम ने यह कार्रवाई की। अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) ऋषभ रुणवाल, क्षेत्राधिकारी साइबर हर्ष पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी दुद्धी विनय प्रभाकर साहनी के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर भोपाल में दबिश दी।
पुलिस के अनुसार, 25 अक्टूबर को रात करीब 8:05 बजे भोपाल के अयोध्या नगर थाना क्षेत्र स्थित सी-सेक्टर तिराहे पर यादव टी-स्टाल के पास से जय कुमार पाण्डेय, राजेश पोद्दार और बब्बू प्रसाद प्रजापति को गिरफ्तार किया गया। तीनों को ट्रांजिट रिमांड पर सोनभद्र लाया गया। 28 अक्टूबर को उन्हें न्यायालय में पेश करने के लिए रवाना किया गया।
35 शिकायतों में 11.63 करोड़ की धोखाधड़ी का खुलासा
पुलिस की जांच में समन्वय (JMIS) पोर्टल के माध्यम से सत्य सनातन ट्रस्ट के नाम से पंजीकृत बैंक खातों से जुड़ी साइबर धोखाधड़ी की 35 शिकायतें सामने आईं। इनमें करीब 11.63 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की जानकारी मिली। जांच में सामने आया कि ट्रस्ट के संचालक ने बैंक खाता खुलवाकर उसका विवरण और एटीएम कार्ड मध्य प्रदेश के कुछ व्यक्तियों को उपलब्ध कराया था। आरोप है कि साइबर ठगी से प्राप्त रकम ट्रस्ट के खातों में मंगाई जाती थी।
पुलिस के मुताबिक, ट्रस्ट के एक बैंक खाते में करीब 2.37 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। ठगी की रकम खाते में मंगाने के एवज में ट्रस्ट के अध्यक्ष को 20 प्रतिशत कमीशन दिए जाने और शेष धनराशि आपस में बांटे जाने का आरोप है।
अन्य संस्थाओं के खातों की भी जांच
जांच के दौरान धर्मोदय फाउंडेशन, बलसा कंस्ट्रक्शन एंड ट्रेडिंग एलएलपी, भूमित्रम इंडिया माइक्रो फाउंडेशन ट्रस्ट और राष्ट्रीय स्वराज फाउंडेशन सहित अन्य संस्थाओं से जुड़े संदिग्ध लेन-देन भी सामने आए हैं। पुलिस ने इन संस्थाओं से संबंधित वित्तीय लेन-देन की जांच के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं।
इस मामले में दुद्धी थाने में मुकदमा संख्या 281/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66डी में मुकदमा दर्ज किया गया है।
तीन चरणों में हुई आठ गिरफ्तारियां
पुलिस के अनुसार, पहली कार्रवाई में 25 अक्टूबर को मुख्य अभियुक्त हरिकेश पाण्डेय उर्फ ऋषिकेश समेत तीन लोगों को दुद्धी रेलवे स्टेशन रोड से गिरफ्तार किया गया था। दूसरी कार्रवाई में 26 अक्टूबर को रनटोला तिराहे से दो अन्य आरोपियों प्रवेश राज सिंह और जोनसीन क्रिशायान उर्फ राजेश कुमार को गिरफ्तार किया गया। तीसरी कार्रवाई में भोपाल से तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ अब तक कुल आठ अभियुक्त पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।
कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक विश्वनाथ प्रताप सिंह, निरीक्षक विजय कुमार चौरसिया, निरीक्षक अपराध अंगद प्रसाद तिवारी सहित दुद्धी थाना पुलिस और सर्विलांस/एसओजी टीम के जवान शामिल रहे।


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