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वृद्धाश्रम में बुजुर्गों को बताए अधिकार, 60 शिक्षकों को मिला संवैधानिक प्रशिक्षण
भरण-पोषण कानून, मौलिक अधिकारों और निःशुल्क विधिक सहायता की दी गई जानकारी
राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट)
सोनभद्र, 30 अक्टूबर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राहुल ने शुक्रवार को समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित वृद्धाश्रम का निरीक्षण किया। इस दौरान विधिक जागरूकता शिविर आयोजित कर बुजुर्गों को उनके कानूनी अधिकारों और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। वहीं, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), सोनभद्र में आयोजित संविधान संवाद नोडल टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम में करीब 60 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया।

वृद्धाश्रम में निरीक्षण के दौरान कुल 46 वृद्धजन निवासरत मिले। सचिव ने वरिष्ठ नागरिकों को भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि माता-पिता और दादा-दादी को अपने बच्चों से भरण-पोषण प्राप्त करने का कानूनी अधिकार है। उन्होंने वृद्धावस्था पेंशन, चिकित्सा सुविधाओं और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के प्रति भी जागरूक किया।
डायट परिसर में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में नोडल शिक्षकों को संविधान निर्माण, मौलिक अधिकारों, संवैधानिक उपचार, मौलिक कर्तव्यों, राज्य के विभिन्न अंगों और चुनाव प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इसके साथ ही निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत, हेल्पलाइन नंबर और बच्चों की शिक्षा से संबंधित कानूनों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। शिक्षकों को संविधान संवाद कार्यक्रम के तहत आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम में चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल शमशेर बहादुर सिंह, डिप्टी चीफ एलएडीसी सत्यारमण त्रिपाठी, असिस्टेंट एलएडीसी जयप्रकाश सहित विभिन्न विधि महाविद्यालयों के शिक्षक मौजूद रहे। उक्त जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राहुल ने दी।


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