गंगा उत्सव पर सोनभद्र में 3-4 नवंबर को होंगे विविध आयोजन
चोपन छठ घाट पर दीपोत्सव, मैराथन और नौका दौड़ से जगेगी नदी संरक्षण की अलख
राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट)
सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश
नमामि गंगे योजना के तहत जनपद में 3 और 4 नवंबर को दो दिवसीय गंगा उत्सव 2026 का आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रीय नदी गंगा और उसकी सहायक नदियों के संरक्षण, स्वच्छता एवं संवर्धन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से माध्यमिक शिक्षा विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह ने चयनित विद्यालयों, प्रधानाचार्यों और गतिविधियों के नोडल प्रभारियों की सूची जिला गंगा समिति को भेज दी है।
3 नवंबर को प्रभात फेरी और प्रतियोगिताएं
उत्सव के पहले दिन सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राजकीय इंटर कॉलेज गोठानी और राजकीय इंटर कॉलेज जुगैल के विद्यार्थी नदियों के संरक्षण में युवाओं की भूमिका विषय पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे। वहीं, गुरुद्वारा इंटर कॉलेज चोपन और रेल कर्मचारी इंटर कॉलेज चोपन के छात्र-छात्राएं नदी तटों एवं प्रमुख घाटों पर प्रभात फेरी निकालने के साथ स्वच्छता अभियान चलाएंगे।
Read More सरकार की प्राथमिकता समाज के प्रत्येक वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचाना : पूर्व मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदीजल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन पर संगोष्ठी एवं कार्यशाला भी आयोजित होगी। इसके अलावा विद्यार्थियों के लिए रंगोली, स्लोगन, वाद-विवाद, पोस्टर, निबंध, कविता और चित्रकला प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी।
4 नवंबर को मैराथन, नौका दौड़ और दीपोत्सव
उत्सव के दूसरे दिन सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक साइकलोथॉन, मैराथन और नौका दौड़ सहित खेल गतिविधियां आयोजित होंगी। इनके आयोजन की जिम्मेदारी आदित्य बिड़ला इंटर कॉलेज रेणुकूट और राजकीय इंटर कॉलेज पिपरी को सौंपी गई है।
वहीं, शाम 3 से 6 बजे तक चोपन छठ घाट पर भव्य दीपोत्सव एवं दीपदान का आयोजन होगा। इस दौरान लोकगीत, पारंपरिक लाइव संगीत और सांस्कृतिक नृत्य की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। कार्यक्रम के सफल आयोजन का दायित्व रेल कर्मचारी इंटर कॉलेज और गुरुद्वारा इंटर कॉलेज चोपन को सौंपा गया है।
नदियों के संरक्षण के प्रति जागरूकता पर जोर
जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह ने बताया कि गंगा उत्सव के माध्यम से विद्यार्थियों और आमजन में नदियों की स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति चेतना जगाने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजन को सफल और समयबद्ध बनाने के लिए सभी संबंधित विद्यालयों एवं नोडल शिक्षकों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।


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