पंचगव्य के 20 हजार दीपकों का मिला ऑर्डर, आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं
एनआरएलएम के सहयोग से गणेश आजीविका समूह को मिला बड़ा बाजार
स्वतंत्र प्रभात संवाददाता
सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश-
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के सहयोग से गणेश आजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाएं पंचगव्य से दीपक, धूपबत्ती और गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां बनाकर स्वरोजगार से जुड़ रही हैं। दीपावली पर इन उत्पादों की बढ़ती मांग से महिलाओं को आमदनी बढ़ाने का अवसर मिल रहा है।

एनआरएलएम के उपायुक्त रवींद्र वीर ने बताया कि समूह की महिलाओं को पंचगव्य उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण देने के साथ आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई है। महिलाएं गाय के गोबर, दूध, घी, दही और गोमूत्र से विभिन्न उत्पाद तैयार कर रही हैं।
समूह के उत्पादों को बाजार में अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। पराग दूध की ओर से महिलाओं को 20 हजार दीपक और धूपबत्ती के एक हजार पैकेट का ऑर्डर मिला है। इससे समूह की महिलाओं को बड़े स्तर पर उत्पादन और बिक्री का अवसर मिला है।
सरकारी प्रशिक्षण, आर्थिक सहयोग और बाजार में बढ़ती मांग से ग्रामीण महिलाएं अपने हुनर को स्वरोजगार में बदल रही हैं। यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ा रही है।


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