छह दिन बाद भी सरकारी केंद्रों पर धान खरीद शुरू नहीं

किसानों ने एसएमओ कार्यालय में की तालाबंदी एमएसपी से कम दाम पर फसल बेचने को मजबूर होने का आरोप, तत्काल तौल शुरू कराने की मांग

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सितारगंज। सरकारी क्रय केंद्रों पर धान खरीद शुरू नहीं होने से नाराज किसानों का आक्रोश मंगलवार को फूट पड़ा। खरीद शुरू होने के निर्धारित समय के छह दिन बाद भी सरकारी केंद्रों पर धान की तौल शुरू नहीं होने पर किसानों ने एसएमओ कार्यालय में तालाबंदी कर धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने सरकारी खरीद व्यवस्था में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए तत्काल सभी केंद्रों पर धान की तौल शुरू कराने की मांग की।
 
किसानों का कहना है कि खेतों में धान की फसल तैयार होकर घर और मंडियों तक पहुंचने लगी है, लेकिन सरकारी क्रय केंद्रों पर अब तक खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। इससे किसानों के सामने अपनी तैयार उपज को सुरक्षित रखने की समस्या खड़ी हो गई है। किसानों ने कहा कि धान को लंबे समय तक घर या खेत में रखने पर नमी और मौसम के कारण फसल खराब होने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में किसान मजबूरी में अपनी उपज लेकर मंडी और बाजार का रुख कर रहे हैं।
 
किसानों का आरोप है कि सरकारी खरीद में देरी का फायदा कच्चे आढ़ती उठा रहे हैं। किसान नेता नव तेजपाल सिंह ने कहा कि तैयार धान को अधिक समय तक सुरक्षित रखना किसानों के लिए आसान नहीं है। नमी, भंडारण और मौसम की चिंता के बीच किसान अपनी फसल बेचने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी मजबूरी का फायदा उठाकर कच्चे आढ़ती किसानों से धान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम कीमत पर खरीद रहे हैं। इसके अलावा तौल और अन्य कटौतियों के नाम पर भी किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकारी केंद्र समय से शुरू हो जाते तो किसानों को अपनी उपज औने-पौने दाम पर बेचने की मजबूरी नहीं होती। किसानों ने प्रशासन से मांग की कि खरीद प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी न की जाए और सभी केंद्रों पर किसानों की फसल की तत्काल तौल कराई जाए।
 
पूर्व विधायक नारायण पाल ने कहा कि खरीद केंद्र केवल बैनर और कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से एक अक्टूबर से धान खरीद शुरू करने की घोषणा की गई थी। ऐसे में खरीद शुरू होने की निर्धारित तिथि तक पोर्टल पंजीकरण, कांटा, बारदाना, कर्मचारी और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जानी चाहिए थीं। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए परेशान होना पड़ रहा है, जबकि सरकारी खरीद व्यवस्था पहले से तैयार होनी चाहिए थी।
 
नारायण पाल ने मांग की कि सभी सरकारी क्रय केंद्रों पर तत्काल धान की तौल शुरू कराई जाए। किसानों के पोर्टल पंजीकरण से संबंधित समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए और खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि धान खरीद में देरी का सीधा असर किसानों की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है। यदि जल्द खरीद शुरू नहीं हुई तो किसानों की परेशानी और आर्थिक नुकसान दोनों बढ़ सकते हैं।
 
धरना-प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकारी खरीद व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई और अधिकारियों से जल्द से जल्द समस्या का समाधान कराने की मांग की। इस दौरान मनप्रीत सिंह महार, सुखवंत सिंह, कर्मजीत सिंह, गुरसेवक सिंह, सुखदेव सिंह, यशराज सिंह, हर्षदीप सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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