काशी, अयोध्या और मथुरा के मंदिरों में जाने से अखिलेश जी को क्यों होती है कंपकंपी: राजभर
अखिलेश यादव के वाराणसी दौरे पर कैबिनेट मंत्री का तंज, बोले- तुष्टिकरण की राजनीति से बचें सपा प्रमुख
लखनऊ। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के वाराणसी दौरे को लेकर निशाना साधा है। सोशल मीडिया मंच पर पोस्ट साझा करते हुए राजभर ने सवाल उठाया कि अखिलेश यादव को काशी, अयोध्या और मथुरा के मंदिरों में जाने से आखिर क्यों हिचकिचाहट होती है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को तुष्टिकरण की राजनीति से बचना चाहिए, अन्यथा हिंदू समाज उनसे सवाल करेगा।
बाबा विश्वनाथ के दर्शन को लेकर कसा तंज
राजभर ने लिखा कि अखिलेश यादव वाराणसी आ रहे हैं, लेकिन बाबा विश्वनाथ के दरबार में शीश नवाने से परहेज कर रहे हैं। उन्होंने उनके अयोध्या और मथुरा दौरों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि अयोध्या यात्रा के दौरान भी अखिलेश श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन के लिए नहीं गए। इसी तरह मथुरा पहुंचने पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर की ओर भी उनका ध्यान नहीं जाता। राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव का मन केवल मस्जिद, मजार, ईदगाह, दरगाह और कब्रिस्तान में ही लगता है।
यदुवंशी समाज के निमंत्रण का भी किया जिक्र
Read More सरदार पटेल की जयंती पर तुगलकाबाद में आयोजित हुई एकता दौड़, युवाओं ने लिया बढ़-चढ़कर हिस्साकैबिनेट मंत्री ने काशी की सावन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यदुवंशी समाज सबसे पहले बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करता है। उनके मुताबिक, पिछले वर्ष समाज की ओर से अखिलेश यादव को भी इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया था, लेकिन वह इसमें शामिल नहीं हुए। राजभर ने इसको लेकर भी सपा प्रमुख पर निशाना साधा।
अखिलेश को आत्ममंथन की दी नसीहत
राजभर ने अखिलेश यादव को आत्ममंथन करने की सलाह देते हुए कहा कि उन्हें सोचना चाहिए कि आखिर वे प्रभु श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण और बाबा विश्वनाथ के मंदिरों में दर्शन करने से क्यों बचते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति सम्मान का भाव होना चाहिए। राजभर की इस टिप्पणी के बाद प्रदेश की सियासत में बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।


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