दिव्यांग यात्रियों के प्रति संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार अपनाएं परिवहनकर्मी : प्रो. हिमांशु शेखर झा
28 जिलों के परिवहन अधिकारियों और कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण, सार्वजनिक परिवहन को सुगम व बाधारहित बनाने पर जोर
लखनऊ। सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को दिव्यांगजनों के लिए सुरक्षित, सुगम और बाधारहित बनाने के उद्देश्य से बुधवार को निशातगंज स्थित विद्याभवन में राज्य स्तरीय संवेदीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्य आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के 28 जिलों से आए परिवहन विभाग के करीब 40 वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन और दिव्यांग यात्रियों को सम्मानजनक यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्य आयुक्त दिव्यांगजन प्रो. हिमांशु शेखर झा, उपायुक्त (प्रशासन) डॉ. अमित कुमार राय और उपायुक्त दिव्यांगजन शैलेन्द्र कुमार सोनकर ने दीप प्रज्वलित कर किया।
प्रथम सत्र को संबोधित करते हुए प्रो. हिमांशु शेखर झा ने कहा कि दिव्यांगजन दया या विशेष कृपा के नहीं, बल्कि समान अधिकार, समान अवसर और गरिमापूर्ण व्यवहार के हकदार हैं। उन्होंने परिवहन अधिकारियों और कर्मचारियों से अपने दायित्वों का निर्वहन मानवीय संवेदनशीलता और सम्मान की भावना के साथ करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि दिव्यांग यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन में असुविधा, उपेक्षा या भेदभाव का सामना न करना पड़े। उन्हें सुरक्षित और सहज यात्रा उपलब्ध कराना सभी सेवा प्रदाताओं की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कानूनी अधिकारों और सुगम्यता मानकों की दी जानकारी
उपायुक्त (प्रशासन) डॉ. अमित कुमार राय ने सार्वजनिक परिवहन को दिव्यांगजनों के अनुकूल बनाने के लिए जरूरी तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने परिवहनकर्मियों को यात्रियों के साथ सहयोगात्मक और सम्मानजनक व्यवहार अपनाने की सलाह दी।

दूसरे सत्र में उपायुक्त दिव्यांगजन शैलेन्द्र कुमार सोनकर ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के प्रमुख प्रावधानों, कानूनी अधिकारों और वैधानिक संरक्षण के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने पिछले दो वर्षों में दिव्यांगजनों के अधिकारों के संरक्षण, समस्याओं के समाधान और सुगम्यता बढ़ाने के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी भी दी।
बाधारहित परिवेश तैयार करने पर दिया जोर
तीसरे सत्र में विषय विशेषज्ञ अमरेश चन्द्रा ने दिव्यांगजनों के लिए आधुनिक मानकों के अनुरूप बाधारहित और सुगम वातावरण विकसित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने इससे जुड़े ढांचागत पहलुओं और निर्धारित सुगम्यता मानकों पर प्रकाश डाला।
समापन सत्र में राज्य आयुक्त ने प्रतिभागियों के तकनीकी और व्यावहारिक सवालों के जवाब दिए। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों को सहभागिता प्रमाण पत्र वितरित किए गए।


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