एक थप्पड़ ने खोल दिया करोड़ों की काली कमाई का राज़,मंझले भाई ने ही पुलिस को दी थी सूचना

हर्षिता यादव  Picture
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स्वतंत्र प्रभात।
 
 ब्यूरो प्रयागराज 
 
 
  घर का भेदी लंका ढहाए। कुछ ऐसा ही मामला प्रयागराज के नवाबगंज थाना क्षेत्र के बरईपुर गांव में सामने आया है। यहां करोड़ों रुपये की नकदी जमीन के अंदर ड्रमों में छिपाकर रखने का राज किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि घर के ही मंझले भाई राकेश यादव ने पुलिस के सामने खोल दिया। बताया जा रहा है कि बड़े भाई राजेश यादव द्वारा थप्पड़ मारने से नाराज राकेश ने पुलिस को घर में छिपाकर रखी गई करोड़ों की नकदी की जानकारी दी थी। इसके बाद पुलिस और आयकर विभाग की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए घर में खुदाई कर तीन बड़े नीले ड्रम बरामद किए,जिनमें नोटों की गड्डियां भरी हुई थीं।
 
पुणे के व्यापारी के यहां छापे के बाद छिपाई गई थी रकम।
 
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक,राजेश यादव पहले पुणे में एक व्यापारी के यहां काम करता था। बताया जा रहा है कि व्यापारी के ठिकाने पर छापेमारी होने के बाद उसने बोरे में भरकर कई करोड़ रुपये की नकदी राजेश के कमरे में छिपा दी थी। व्यापारी के जेल जाने के बाद राजेश कथित तौर पर दो पिकअप वाहनों में नोटों से भरे दर्जनों बोरे लादकर प्रयागराज स्थित अपने गांव बरईपुर पहुंचा था। यहां उसने नकदी को तीन बड़े ड्रमों में भरकर घर के अंदर जमीन में गाड़ दिया था।
 
बताया जाता है कि रकम को लेकर व्यापारी और राजेश के बीच कई बार विवाद भी हुआ। व्यापारी ने कई बार अपनी रकम वापस मांगी, लेकिन राजेश ने कथित तौर पर पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। रकम काले धन से जुड़ी होने के कारण व्यापारी पुलिस से शिकायत करने की स्थिति में भी नहीं था।
 
एक साल में बदल गई परिवार की आर्थिक स्थिति।
 
ग्रामीणों के मुताबिक, राजेश यादव और उसके परिवार की आर्थिक स्थिति में पिछले एक साल के भीतर अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला। इस दौरान परिवार ने करीब 25 बीघा जमीन खरीदी, जिस पर लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च होने की बात सामने आ रही है। इसके अलावा आलीशान मकान का निर्माण कराया गया,एक साथ दो ट्रैक्टर खरीदे गए और दर्जनों दुकानों वाला मार्केट भी बनवाया गया।
 
कम समय में परिवार की संपत्ति और रहन-सहन में आए इस बदलाव को देखकर गांव के लोग भी हैरान थे। हालांकि,इतनी बड़ी रकम कहां से आई,इसकी जानकारी अब तक सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं थी।
 
थार खरीदने की तैयारी पर हुआ विवाद 
 
बताया जा रहा है कि पूरे मामले में नया मोड़ नवरात्रि के दौरान आया। उस समय राजेश यादव थार गाड़ी खरीदने की तैयारी कर रहा था। मंझले भाई राकेश यादव ने इसका विरोध किया। उसका कहना था कि अचानक इतनी महंगी गाड़ी खरीदने से परिवार की संपत्ति और पैसों को लेकर लोगों के बीच चर्चा बढ़ेगी और छिपी हुई रकम का राज खुल सकता है।
 
इसी बात को लेकर दोनों भाइयों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि बड़े भाई राजेश ने गुस्से में मंझले भाई राकेश को जोरदार थप्पड़ मार दिया। इससे नाराज राकेश सीधे थाने पहुंचा और पुलिस को पुणे से लाई गई करोड़ों रुपये की नकदी घर में जमीन के अंदर छिपाकर रखने की जानकारी दे दी।
 
 तीन ड्रमों से करोड़ों रुपये बरामद,गिनती जारी।
 
राकेश से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने आयकर विभाग से संपर्क किया। इसके बाद गुरुवार को पुलिस और आयकर विभाग की टीम बरईपुर स्थित राजेश के घर पहुंची और खुदाई शुरू कराई। खुदाई के दौरान जमीन के अंदर दबाकर रखे गए तीन बड़े नीले ड्रम मिले। इन ड्रमों में बड़ी संख्या में नोटों की गड्डियां भरी हुई थीं।
 
बरामद नकदी की गिनती पिछले तीन दिनों से लगातार की जा रही थी। पूरी गिनती मे 3 करोड़ 20 लाख 93 हज़ार रूपए गिने गए हैँ। हालांकि चर्चाएं कई करोड़ की थी।
 
घर सील,डॉग स्क्वायड की मदद से जारी है तलाशी
 
जमीन के अंदर और भी नकदी छिपाकर रखे जाने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने पूरे मकान को सील कर दिया है। घर के अन्य हिस्सों में भी खुदाई और तलाशी की जा रही है। इस काम में डॉग स्क्वायड की मदद भी ली जा रही है। पुलिस को आशंका है कि तीन ड्रमों के अलावा अन्य स्थानों पर भी नकदी या दूसरी महत्वपूर्ण चीजें छिपाई गई हो सकती हैं।
 
फिलहाल राजेश यादव और उसके छोटे भाई राकेश यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। आयकर विभाग की टीम बरामद रकम के स्रोत और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच में जुटी है। पूरे मामले में जांच पूरी होने के बाद ही नकदी के वास्तविक स्रोत और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
 
प्रयागराज में घर के अंदर जमीन में गाड़कर रखे तीन ड्रमों से 3 करोड़ 20 लाख 93 हज़ार रूपए तीन दिन से चल रही थी नोटों की की गिनती के बाद सामने आया है अभी और भी रुपया गड़े होने की आशंका है
 
 

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