भागवत कथा में सुनाई राजा परीक्षित के जन्म की कथा, भगवान की भक्ति को बताया सुख का आधार

हर्षिता यादव  Picture
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स्वतंत्र प्रभात। 
 
नैनी,प्रयागराज।
 
 पीडीए कॉलोनी, नैनी स्थित एक गेस्ट हाउस में आयोजित सप्त दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन रविवार को भागवताचार्य पं. राजेंद्र प्रसाद शुक्ल ने श्रद्धालुओं को राजा परीक्षित के जन्म की कथा सुनाई।
 
 उन्होंने कहा कि भगवान अपने भक्तों की हर परिस्थिति में रक्षा करते हैं। इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र के प्रहार से माता उत्तरा के गर्भ में पल रहे राजा परीक्षित की रक्षा की थी।कथा को आगे बढ़ाते हुए महाराज श्री ने शुकदेव स्वामी के जन्म तथा भगवान नारायण के वराह अवतार की भावपूर्ण कथा का वर्णन किया।
 
उन्होंने कहा कि भगवान के नाम स्मरण और उनकी कथा के श्रवण में ही सच्चा सुख और आत्मिक शांति निहित है। मनुष्य को सदैव भगवान की भक्ति और सत्कर्म के मार्ग पर चलना चाहिए।इस अवसर पर अवधेश पांडेय, बीबी दुबे, मीडिया प्रभारी आरके शुक्ला आदि रहे।
 
 

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