गरीबों के राशन में कटौती का आरोप, जांच में शिकायतकर्ताओं को ही नहीं मिला भरोसा

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीबों को मिलने वाले सरकारी खाद्यान्न में घटतौली की शिकायतों को लेकर शासन के निर्देश पर जिले में जांच कराई गई

Abhinav Shukla Picture
Published On

स्वतंत्र प्रभात संवाददाता

गोंडा।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीबों को मिलने वाले सरकारी खाद्यान्न में घटतौली की शिकायतों को लेकर शासन के निर्देश पर जिले में जांच कराई गई। हालांकि, जांच की प्रक्रिया को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि जिन कोटेदारों पर राशन कम देने की शिकायतें थीं, उन्हीं की मौजूदगी में लाभार्थियों के बयान लिए गए। ऐसे में लाभार्थी चाहकर भी खुलकर अपनी बात नहीं रख सके।

शासन स्तर पर की गई शिकायत में आरोप लगाया गया था कि प्रत्येक माह राशन वितरण के दौरान लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा से आधा किलो से लेकर एक किलो तक कम खाद्यान्न दिया जाता है। जिले में बड़ी संख्या में राशनकार्ड धारक इस व्यवस्था से जुड़े हैं। शिकायतों के बाद शासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए।

अनिल कपूर ने ‘इंडिया के टॉप 1%’ की सफलता पर जताई खुशी,। कहा, “परिवारों को साथ लाना ही मेरे लिए सबसे बड़ी जीत है Read More अनिल कपूर ने ‘इंडिया के टॉप 1%’ की सफलता पर जताई खुशी,। कहा, “परिवारों को साथ लाना ही मेरे लिए सबसे बड़ी जीत है

जांच के लिए गोरखपुर के संयुक्त आयुक्त मनोज कुमार पूर्ति निरीक्षकों के साथ संबंधित गांवों में पहुंचे। झंझरी ब्लॉक के दशियापुर में टीम ने राशन वितरण रजिस्टर और उपलब्ध स्टॉक का मिलान किया। इसके अलावा कटरा बाजार के गंडाही, रुपईडीह के तेलिया कोट और भवानीपुर खुर्द में भी जांच की गई।

नारी का पत्नी के रूप में उसका त्याग और समर्पण अतुल्य है करवाचौथ व्रत । शरद अग्निहोत्री Read More नारी का पत्नी के रूप में उसका त्याग और समर्पण अतुल्य है करवाचौथ व्रत । शरद अग्निहोत्री

पूर्व प्रधान विजय मिश्र ने आरोप लगाया कि जांच टीम में शामिल अधिकारी उन्हीं स्थानों पर पहुंचे, जहां उन्हें ले जाया गया। लाभार्थियों के बयान भी कोटेदार और पूर्ति निरीक्षक की मौजूदगी में लिए गए, जिससे वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ सकी। उन्होंने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिकायतकर्ताओं को अपेक्षित न्याय नहीं मिल पाया।

कांग्रेसियों ने पूर्व प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी   का शहादत दिवस मनाया  Read More कांग्रेसियों ने पूर्व प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी   का शहादत दिवस मनाया

वहीं, जांच के दौरान राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और वास्तविक स्टॉक की स्थिति का आकलन किए जाने की बात कही गई। लेकिन शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि लाभार्थियों के बयान स्वतंत्र रूप से लिए जाते और बिना पूर्व सूचना के दुकानों की जांच होती, तो घटतौली की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकती थी।

अब सवाल यह है कि क्या जांच रिपोर्ट में राशन वितरण की अनियमितताओं का वास्तविक खुलासा हो पाएगा या यह जांच भी महज औपचारिकता बनकर रह जाएगी? जिला पूर्ति अधिकारी कुंवर दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि यह रूटीन जांच थी, जो पूरी हो चुकी है।

 
 

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें