नवंबर में असम विश्वविद्यालय में सजेगा विश्व साहित्य का महाकुंभ

विश्वविद्यालय में आगामी 17, 18 और 19 नवंबर, 2026 को तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी एवं साहित्य उत्सव आयोजित किया जाएगा।

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 श्रीभूमि संवाददाता
 
राष्ट्रीय हिंदी दैनिक स्वतंत्र प्रभात  9 अक्टूबर: असम के बराक घाटी तथा पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक और भाषाई विरासत को विश्व की विभिन्न साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने के उद्देश्य से असम विश्वविद्यालय, सिलचर के बांग्ला विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। विश्वविद्यालय में आगामी 17, 18 और 19 नवंबर, 2026 को तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी एवं साहित्य उत्सव आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में भारत सहित विभिन्न देशों के प्रतिष्ठित कवि, लेखक, साहित्यकार, शोधकर्ता और शिक्षाविद भाग लेंगे।
 
‘सीमाओं के पार संवाद’ शीर्षक से आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव का मुख्य विषय ‘साहित्य, संस्कृति और साझा मानवता का भविष्य’ रखा गया है। इसका उद्देश्य साहित्य, संस्कृति और मानवीय मूल्यों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय संवाद को बढ़ावा देना तथा विभिन्न देशों की साहित्यिक परंपराओं के बीच विचारों के आदान-प्रदान और सांस्कृतिक सहभागिता के लिए एक साझा मंच तैयार करना है। आयोजन में स्पेन, उरुग्वे, इटली, स्विट्जरलैंड, ब्रिटेन और बांग्लादेश के प्रतिष्ठित साहित्यकारों की सहभागिता प्रस्तावित है।
 
प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों में अदनान अल-सायेग (ब्रिटेन), जूलियो सेसर पाबानेत्ती गुतिएरेज (उरुग्वे), सबरीना दे कानियो (इटली), आनाबेल ग्लादिस वियार सुआरेज (स्पेन), बालबीना प्रियोर बारबारोखा (स्पेन), लूसिया त्रापात्सो (स्विट्जरलैंड) और मोहम्मद अमिनुर रहमान (बांग्लादेश) शामिल हैं। इसके अलावा, भारत के विभिन्न हिस्सों से भी कवि, लेखक, साहित्यकार, शोधकर्ता और शिक्षाविद इस आयोजन में हिस्सा लेंगे। असम के बराक घाटी की साहित्यिक और सांस्कृतिक परंपरा का इतिहास अत्यंत समृद्ध एवं विशिष्ट रहा है। इस आयोजन का एक प्रमुख उद्देश्य क्षेत्र की मौलिक साहित्यिक पहचान को संरक्षित रखते हुए उसे विश्व की विभिन्न भाषाओं, साहित्यिक धाराओं और सांस्कृतिक परंपराओं के साथ संवाद के व्यापक दायरे में लाना है।
 
आयोजकों के अनुसार, इस साहित्य उत्सव से बराक घाटी तथा पूर्वोत्तर भारत के साहित्यकारों और शोधकर्ताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर के साहित्यकारों एवं विद्वानों के साथ विचारों के आदान-प्रदान का अवसर मिलेगा। इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी एवं साहित्य उत्सव की आयोजन समिति के अध्यक्ष की जिम्मेदारी असम विश्वविद्यालय के बांग्ला विभागाध्यक्ष, प्रख्यात कवि एवं निबंधकार प्रोफेसर सुमन गुण संभालेंगे। वहीं, विश्वविद्यालय के बांग्ला विभाग के प्रोफेसर डॉ. बरुणज्योति चौधरी आयोजन के समन्वयक होंगे।
 
उनके नेतृत्व में विभाग कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आवश्यक तैयारियों और समन्वय की प्रक्रिया में जुटा है। तीन दिवसीय आयोजन के दौरान अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी, कविता एवं साहित्य पाठ, साहित्यकारों और शोधकर्ताओं के बीच संवाद, सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा विभिन्न देशों की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं पर चर्चा जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस साहित्य उत्सव में शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों, शिक्षकों, कवियों, लेखकों और साहित्यप्रेमियों को भाग लेने का अवसर मिलेगा।
 
इच्छुक प्रतिभागी अपने शोधपत्र, निबंध और रचनात्मक कार्य भी प्रस्तुत कर सकेंगे। पंजीकरण के लिए निर्धारित प्रपत्र असम विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा। कुल मिलाकर, नवंबर में आयोजित होने वाला यह अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव सिलचर और बराक घाटी को विश्व साहित्य के साथ जोड़ने तथा विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों के बीच आपसी समझ, संवाद और सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है।

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