विद्युत पेंशनर्स परिषद (उ.प्र.) का 38वाँ वार्षिक अधिवेशन आज संपन्न

(उ.प्र. सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन अधिनियम 21/1800 के अधीन पंजीकृत संख्या 708 (उ.प्र. राज्य विद्युत परिषद के पत्रांक 2004 औस/17/रा.वि.प./90-1077/50, दिनांक 10-3-98 द्वारा मान्यता प्राप्त)

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लखनऊ। राजधानी लखनऊ में दिनांक 27-10-2026 विद्युत पेंशनर्स परिषद उ०प्र० का 38वाँ वार्षिक अधिवेशन में मुख्य अतिथि नितीश कुमार, (आई.ए.एस.) प्रबन्ध निदेशक, उ०प्र० पावर कारपोरेशन लि० के सम्मुख पेंशनरों की भुमिका, समस्याओं पर ध्यान आकृष्ट कराया गया, बिजली विभाग के पूर्ववर्ती उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद के 73000 पेंशनर्स/पारिवारिक पेंशनर्स प्राप्त पेंशन से बाजार से सामग्री कय, कर एवं गृह कार्य में छोटे-छोटे राजगार प्रदान कर उ०प्र० सरकार की अर्थ व्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। पेंशनर्स को मिलने वाली पेंशन उनके द्वारा विभाग में 35-36 वर्ष की निष्ठा से की गयी सेवा का प्रतिफल है जिसे नियोक्ता/सरकार द्वारा उन्हें समाज में जीने का एक महत्वपूर्ण स्टेटस प्रदान किया गया है। पेंशनरों/पारिवारिक पेंशनरों की कुछ प्रमुख समस्यायें जैसे मंहगाई राहत का शासनादेश सीधे कोषागार से लागू करना, पूरे प्रदेश के जनपदों में ज्यादा से ज्यादा सी.जी.एच.एस. दरों पर इलाज कर रहे मान्यता प्राप्त हास्पिटल को कैशलेस इलाज हेतु पैनल पर लेने, बिजली का बिल जमा करने पर ही चिकित्सा भत्ता रू. 200/- दिये जाने का प्रतिबन्ध समाप्त करने, विधवा पुत्री /तलाकशुदा पुत्री जो पिता पर पूर्णतया निर्भर है की चिकित्सा सुविधा प्रदान करने तथा विधवा पुत्रबधू को पारिवारिक पेंशनर्स का पात्र बनाये जाने के साथ ही साथ आठवें वेतन आयोग में 23 मार्च 2025 के वैलीडेशन एक्ट को निष्प्रभावी कर 1 जनवरी, 2016 की भाँति बिना भेद-भाव किये बिना 01 जनवरी, 2026 से पेंशन का पुनरीक्षण करने आदि मॉगों पर विस्तार से चर्चा करते हुए मुख्य अतिथि से उचित समाधान करने की मॉग किया गया। इस सम्बन्ध में पेंशनर्स परिषद के अध्यक्ष भारत भूषण एवं प्रमुख महासचिव कप्तान सिंह ने पेंशनरों की समाज़ में भूमिका, उनके महत्व एवं मॉगों समस्याओं का निस्तारण करने की मॉग मुख्य अतिथि से किया गया तथा यह स्पष्ट किया गया कि जब पेंशनरों को पेंशन/ग्रेच्युटी एवं मंहगाई राहत उ०प्र० सरकार उन्हें राजकीय पेंशनर्स मानकर कोषागार से भुगतान कर रही है तो मंहगाई राहत पर जारी शासनादेश का विद्युत सुधार अधिनियम 2000 के अन्तर्गत उ०प्र० पावर कारपोरेशन अलग से आदेश जारी करें अथवा उ०प्र० शासन के ऊर्जा विभाग से जारी कराकर सीधे कोषागार से लागू किया जाय। जनपदों के अध्यक्ष/सचिव एवं विद्युत पेंशनर्स परिषद के उपाध्यक्ष बी.बी. मिश्रा, उप महासचिव दशरथ सिंह आदि ने अपना बकतव्य दिया। सम्मेलन को विशिष्ट अतिथि डा० जॉन मथाई, हरजीत सिंह तथा मुख्य अतिथि नितीश कुमार, (आई.ए.एस.) प्रबन्ध निदेशक, उ.प्र. पावर कारपोरेशन लि० द्वारा सम्बोधित किया गया तथा मॉगों पर शीघ्र उचित समाधान करने का आश्वासन दिया।
 
 

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