#जवाबदेही

सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार: जनहित की योजनाओं पर भारी पड़ती व्यवस्था

सरकारी दफ्तरों में फैला भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लग पा रही है। सरकारें बदलतीं हैं अफ़सर बदलते हैं लेकिन भ्रष्टाचार जस का तस खड़ा रहता है और आम आदमी बिना लिए दिये काम करवाने में असमर्थ दिखाई देता है। सरकारें...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

भ्रष्टाचार: सरकार की जड़ों में गरम पानी

Rajeev Shuklaभ्रष्टाचार किसी भी सरकार के लिए केवल आर्थिक नुकसान का विषय नहीं है। यह धीरे-धीरे उस भरोसे को खोखला करता है, जिस भरोसे के आधार पर जनता सरकार और उसकी संस्थाओं को स्वीकार करती है। सड़क बनाने...
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