चक्रवाती तूफान "अर्नब" ने किसानों की तोड़ी कमर, खेतों में गिरी तैयार धान की फसल

खेतों में जलजमाव से फसल बर्बाद होने का खतरा, उत्पादन प्रभावित होने की आशंका; किसानों ने मुआवजे की मांग 

BIHAR SWATANTRA PRABHAT Picture
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एकमा (सारण)। हाल ही में आए चक्रवाती तूफान "अर्नब" और लगातार हुई बारिश ने सारण जिले के एकमा प्रखंड के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रखंड की आमडाढ़ी पंचायत समेत विभिन्न पंचायतों में खेतों में पानी भर जाने और तेज हवा के कारण तैयार धान की फसल जमीन पर गिर गई है। इससे किसानों के सामने भारी आर्थिक नुकसान का संकट खड़ा हो गया है। पूर्व मुखिया ओमप्रकाश सिंह बताते हैं कि धान की फसल इस समय पककर तैयार होने की स्थिति में है। ऐसे में मौसम की अचानक बदली करवट किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। बारिश के कारण खेतों में जलजमाव हो गया है, वहीं तेज हवाओं के चलते धान की तैयार फसल खेतों में बिछ गई है। कई खेतों में पानी के बीच गिरी फसल के सड़ने और दाने खराब होने की आशंका बढ़ गई है। इससे धान की कटाई में भी परेशानी हो रही है।चक्रवाती तूफान

किसान विजय कुमार सिंह सहित रामपुर, देकुली, गौसपुर, पांडेय छपरा, राजापुर, रसूलपुर, भरहोपुर, हरपुर, परसागढ़ आदि गांवों के किसानों का कहना है कि पूरे साल मेहनत करने और खेती में पूंजी लगाने के बाद जब फसल तैयार हुई, तो प्राकृतिक आपदा ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। यदि खेतों से जल्द पानी नहीं निकला और मौसम अनुकूल नहीं हुआ, तो धान के उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ना तय है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

राजापुर निवासी अवधेश यादव व गौसपुर गांव निवासी प्रदीप सिंह, चंद्रमणि सिंह आदि किसानों ने जिला प्रशासन, कृषि विभाग और राज्य सरकार से प्रभावित पंचायतों में फसलों को हुए नुकसान का स्थलीय निरीक्षण कराकर निष्पक्ष आकलन कराने की मांग की है। साथ ही प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा और सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की अपील की है, ताकि प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई में उन्हें कुछ राहत मिल सके।
बहरहाल, अब किसानों की निगाहें प्रशासनिक पहल और सरकारी सहायता पर टिकी हैं।

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