वन विभाग की टीम को ट्रक जांच के दौरान धमकी देने का आरोप, तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज

सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत बीएनएस की विभिन्न धाराओं में दर्ज हुआअभियोग, उपनिरीक्षक आनंद कुमार सिंह कर रहे विवेचना

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बस्ती। जनपद के परसरामपुर थाना क्षेत्र में सरकारी कार्य के दौरान वन विभाग की टीम के साथ कथित गाली-गलौज, अभद्रता और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। वन विभाग की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
 
पुलिस के अनुसार, घटना 25 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 7:47 बजे हर्रैया रेंज के परसरामपुर सेक्शन में गौशाला रोड पर हुई। वन दरोगा निखिल कुमार श्रीवास्तव, अभिषेक तिवारी और वसीक सरकारी कार्य के तहत ट्रक संख्या UP42AT4277 को जांच के लिए रुकवाया था। आरोप है कि ट्रक चालक से दरवाजा खोलने के लिए कहने पर वाहन में लकड़ी लदी होने की जानकारी मिली।
 
इसी दौरान पंकज सिंह और नीरज पाण्डेय के मौके पर पहुंचने का आरोप है। वन विभाग की ओर से दी गई तहरीर के मुताबिक, दोनों ने लकड़ी लदे ट्रक को लेकर वन कर्मियों के साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। आरोप यह भी है कि फोन के माध्यम से अजीत सिंह उर्फ बब्बू ने कथित तौर पर वन कर्मियों को गाली-गलौज करते हुए धमकी दी तथा उनके परिवार के साथ अप्रिय घटना करने की बात कही।
 
पुलिस ने प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना परसरामपुर में मुकदमा अपराध संख्या 332/2026 दर्ज किया है। इसमें पंकज सिंह, नीरज पाण्डेय और अजीत सिंह उर्फ बब्बू को नामजद किया गया है। अभियोग भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 131, 132, 352 और 351(2) के तहत पंजीकृत किया गया है।
 
प्रकरण की विवेचना उपनिरीक्षक आनंद कुमार सिंह को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले में नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।अब विवेचना में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि ट्रक में लदी लकड़ी किस प्रकार की थी, उसके परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज उपलब्ध थे या नहीं और जांच के दौरान वास्तव में क्या घटनाक्रम हुआ। साथ ही, वन विभाग के कर्मचारियों को कथित रूप से दी गई धमकियों के संबंध में उपलब्ध साक्ष्यों की जांच भी अहम होगी।फिलहाल, पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है। आरोपों की पुष्टि विवेचना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी। नामजद व्यक्तियों के विरुद्ध आरोप अभी न्यायिक रूप से सिद्ध नहीं हुए हैं।
 
 

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